अहमनगर बछौरा में हुआ कटान। स्रोत: वीडियो ग्रौब
उसहैत। गंगा में पानी कम होते ही अहमद नगर बछौरा में कटान शुरू हो गया है। इस गांव के राघवेंद्र का मकान नदी में समा गया है। इससे गांव में दहशत है। उनके पड़ोस के अन्य लोगों ने मकान खाली कर दिया है।
गंगा की बाढ़ में अबतक करीब 125 बीघा जमीन कट गई है। दो वर्ष पहले आई बाढ़ के चलते गांव को जाने वाली मुख्य सड़क कट गई थी। बाद में कच्चा रास्ता बनाया गया। उस समय ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से सरेली गांव के पास शिफ्ट किया गया था। इस गांव के सभी ग्रामीणों को भूमि का आवंटन भी कर दिया गया था। कुछ ग्रामीणों ने वहां अपना घर बना लिया, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण फिर से पुराने स्थान पर ही गुजर बसर कर रहे हैं। आवंटित भूमि पर बसे ग्रामीणों को सड़क, बिजली और पानी जैसी प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने खर्चे पर गांव में बिजली व्यवस्था की है।
गंगा में पानी बढ़ने की चेतावनी, सतर्क हुआ महकमा
बदायूं। गंगा में जल स्तर एक बार फिर बढ़ेगा। इसके लिए बाढ़ खंड ने चेतावनी जारी की है। इस समय गंगा का जलस्तर 162.64 मीटर पर है, जो खतरे के निशान से 24 सेमी ऊपर बह रही है। शुक्रवार को नरौरा डैम से 1.39 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बाढ़ खंड के रिकार्ड के अनुसार अभी 26 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें चार गांव सहसवान और 22 गांव तहसील दातागंज क्षेत्र के हैं। बाढ़ खंड ने तटबंधों की एक बार फिर निगरानी बढ़ा दी है। संभावित खतरे वाले तटबंधों पर रात-दिन निगरानी हो रही है। बाढ़ खंड के जेई को तटबंध निगरानी को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सहसवान के गंगा-महावा तटबंध के अलावा दातागंज के उसहैत और उसावां तटबंधों पर निगरानी तेज कर दी गई है। गंगा में खतरे का निशान 162.40 मीटर पर है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 162.64 मीटर पर रहा।