बदायूं। लॉकडाउन के चलते बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को कछला गंगाघाट सन्नाटा पसरा रहा। कुछ श्रद्धालुओं ने गंगाघाट जाने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने बैरंग लोटा दिया।
कोरोना संक्रमण के चलते सभी तरह के सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगी है। बुद्ध पूर्णिमा को कछला गंगाघाट पर जबरदस्त भीड़ रहती थी, लेकिन इस बार गंगा स्नान नहीं हो सका। एसडीएम पारसनाथ मौर्य, सीओ सर्वेंद्र कुमार और कछला नगर पंचायत के ईओ एसपी सिंह ने पुलिस के साथ बृहस्पतिवार सुबह ही गंगा घाट के आसपास इलाके में मोर्चा संभाल लिया। बदायूं, बिल्सी और सहसवान की ओर से कछला घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर मुजरिया, बितरोई मोड़, हुसैनपुर खेड़ा और उझानी मंडी समिति तिराहे के पास बैरियर लगा दिए गए थे। प्रत्येक बैरियर पर एक दरोगा और चार सिपाही तैनात किए गए। कुछ श्रद्धालु बैरियर छोड़कर दूसरे रास्तों से होकर कछला घाट तक पहुंच गए, लेकिन उन्हें कछला चौराहे और घाट से पहले ही रोक कर लौटा दिया गया। दूसरी तरफ, कासगंज जिले की ओर से सोरों कोतवाली क्षेत्र में मानपुर नगरिया चौकी के बैरियर पर श्रद्घालुओं को रोका गया। कुछ श्रद्धालु बाइकों पर सरौता और खजुरारा गंगा घाट जा पहुंच। वहां भी पुलिस तैनात थी, जिससे सभी को लौटा दिया गया। गंगाघाट पर नावों के जरिये भी पुलिस ने पेट्रोलिंग की।
बता दें कि पुलिस ने एक दिन पहले ही इलाकों में ऐलान कर दिया था कि लॉकडाउन के चलते गंगा स्नान पर रोक है। गंगाघाट प्रसे साद विक्रेताओं को बुधवार शाम घर लौटा दिया था। गंगा घाट पर बृहस्पतिवार देपहर बाद तक पुलिस तैनात रही। एसडीएम और सीओ ने बताया कि श्रद्धालु खुद ही घाट नहीं गए, जो लोग किसी तरह कछला तक पहुंच गए उन्हें घर पूजा करने की सलाह देकर लौटा दिया।