इस्लामनगर और अंबियापुर में प्रधानों का प्रशिक्षण
महिलाओं को गर्भकाल से ही बच्चे के पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। संतुलित आहार न लेने और एनीमिया के कारण गर्भावस्था के दौरान ही बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाता है, इसलिए गर्भवती को समय-समय पर रक्तचाप, हीमोग्लोबिन और वजन वृद्धि की जांच कराते रहना चाहिए। टीकाकरण कराने और आयरन की गोलियों का नियमित सेवन करने से गर्भवती और शिशु दोनों स्वस्थ रहेंगे। यह जानकारी राज्य पोषण मिशन के तहत बुधवार को ब्लाक इस्लामनगर व अंबियापुर में आयोजित प्रधानों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने दी।
उन्होंने कुपोषण की पहचान और रोकथाम के उपायों के साथ ही साफ-सफाई और खुले में शौच न जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास की प्रमुख इकाई ग्राम पंचायतें ही हैं, इसलिए प्रधानों को शासकीय योजनाओं की समुचित जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर अपनी देखरेख में पुष्टाहार का वितरण कराना चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर माह के प्रथम एवं तृतीय बुधवार को स्वास्थ्य व पोषण दिवस आयोजित होता है। इसमें गांव के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जाता है। प्रधानों को इस कार्य में सहयोग करते हुए शत-प्रतिशत बच्चों और महिलाओं का टीकाकरण करवाना चाहिए।