उझानी। सावन के आखिरी सोमवार से पहले गंगाघाट से लेकर हाईवे तक कांवड़ियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सैकड़ों टोलियों में शामिल कांवड़ियों ने भोले के जयकारे लगाते हुए कांवड़ यात्रा शुरू की। पूरे दिन कांवड़ियों की धूम रही। कलाकारों के साथ थिरके कांवड़ियों ने लोगों को भी अपने रंग से सराबोर कर दिया।
कांवड़ यात्रा का सिलसिला तड़के से शुरू होकर रात में भी चलता रहा। बरेली, बदायूं और पीलीभीत जिले के कांवड़ियों की टोलियों में अधिकतर के साथ ट्रैक्टर- ट्रॉलियों पर नृत्य करते कलाकार नजर आए। शंकर, पार्वती और राधा- कृष्ण के रूप में सजे कलाकारों ने भजनों पर धमाल मचाया। डीजे पर भी कांवड़िये थिरकते नजर आए। छतुइया फाटक के पास ट्रैक्टर- ट्रॉली और पिकअप वाहन पर लगे डीजे को रोक कर कांवड़ियों ने शक्ति प्रदर्शन किया।
करीब आधा घंटे तक कांवड़िया झूमे। इस दौरान कांवड़ियों के वाहनों की कतार लग गई। इससे पहले गंगाघाट पर उमड़े कांवड़ियों ने डुबकी लगाकर पूजन किया। सूर्यदेव को अर्घ्य दिया गया। कांवड़ियों की टोली में शामिल बिल्सी के गांव सतेती निवासी महेंद्र पाल ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार को वह भी अपने परिवार के साथ जलाभिषेक करेंगे। इसके लिए वह 25 लीटर जल की कांवड़ लेकर निकले हैं। पीलीभीत में बीसलपुर और बरेली में भोजीपुर के बाइक सवार कांवड़ियों की टोली ने हाईवे पर भोले का जय- जयकार किया।
-
डीएम और एसएसपी ने परखीं घाट की व्यवस्थाएं
- डीएम अवनीश राय और एसएसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार रात कछला गंगाघाट पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने रविवार को कांवड़ियों की भीड़ आने की संभावना के मद्देनजर नगर पंचायत और स्थानीय पुलिस कर्मियों को दिशा- निर्देश दिए। एसडीएम मोहित कुमार और सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने कांवड़ियों से व्यवस्थाओं और सुरक्षा के मुद्दे पर फीडबैक लिया। कछला नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह ने भी सुझाव दिए।
भंडारों में की कांवड़ियों की सेवा, रास्ते में बांटा जल
- भगवान भोलेनाथ की आस्था से सराबोर सावन महीने में भोले के भक्तों की सेवा में शनिवार को कई लोग भंडारे करते नजर आए। वितरोई मोड़, दहेमू पुलिया के पास, छतुइया रेल फाटक, कल्याण सिंह चौक से पहले और बदायूं रोड पर करीब आधा दर्जन स्थलों पर भंडारे आयोजित किए गए। सेवादारों ने उन्हें सब्जी, पूड़ी और मिष्ठान का प्रसाद वितरित किया। बदायूं से लेकर कछला तक रास्ते में कांवड़ियों को पेयजल के पाउच भी बांटे गए।
कछला से निकली कांवड़ियों की टोली। संवाद- फोटो : mathura
कछला से निकली कांवड़ियों की टोली। संवाद- फोटो : mathura