इस संबंध में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार को नहीं मिली राहत
पूर्व में चिकित्सा विभाग की भर्ती में भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कोटा नहीं मिला
उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के द्वारा वाहन चालक संवर्ग में नियुक्तियों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कोटा नहीं दिया गया। दावा किया कि इस कोटा में 12 लोगों की नियुक्ति होनी चाहिए थी। जिले के एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने शासन स्तर तक शिकायतें कीं लेकिन इस संबंध में अभी कोई सुधार नहीं हो सका है। फिलहाल सांसद धर्मेंद्र यादव ने कोटा से वंचित रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के एक सदस्य को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।
सीमावर्ती संभल जिला की तहसील गुन्नौर के गांव चबूतरा पोस्ट बैरपुर महराजी निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के रामगोपाल यादव पुत्र उदयवीर सिंह ने इस प्रकरण को उठाया है। उन्होंने बताया है कि उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के द्वारा वाहन चालक संवर्ग में नियुक्तियों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कोटा नहीं दिया गया। दावा किया कि इस कोटा में 12 लोगों की नियुक्ति होती लेकिन उनका हक मारा गया है। रामगोपाल न बताया कि उन्होंने कोटा के अंतर्गत आवेदन पत्र की सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं। ऑन लाइन आवेदन किया। तीन मार्च को लखनऊ में इसकी परीक्षा भी दी थी। परीक्षा में वह सफल भी हुआ।
आवेदक ने बताया कि उसके बड़े भाई अवधेश कुमार के साथ 2013 में भी ऐसा ही हुआ। चिकित्सा विभाग में इस कोटा के रिक्त पदों को अन्यों से भर दिया गया। इस संबंध में भी आरटीआई से मांगी गई सूचनाओं के तहत खुलासा हो सका था। चालक पद के अभ्यर्थी ने बताया कि वह इस मामले में खादी ग्रामोद्योग आयोग के उपाध्यक्ष प्रदीप यादव उर्फ गुड्डू यादव से मिले और स्थिति बताई तो उन्होने सांसद को पत्र लिखा था, जिसे लेकर वह सांसद से उनके दिल्ली निवास पर मिला। सांसद ने आश्वासन तो दिया है लेकिन अभी तक उसे और अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार को कोई लाभ नहीं मिल सका है।