युवकों से लिए पांच-पांच लाख रुपये
तेजेंद्र के अनुसार, एक दिन अमन ने उनके घर आकर उसे रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और पांच लाख रुपये मांगे। तेजेंद्र ने रुपये होने से मना किया, लेकिन उसने अपने दोस्तों को नौकरी पर लगवाने को कहा। इसके बाद उसके रिश्तेदार सुनील, सिविल लाइंस के ढाकवाली ज्यारत निवासी अंशुल, सियाराम नगर निवासी सुनील कुमार, दौरी निरोत्तमपुर सुनील, शाहजहांपुर के गांव जखिया निवासी ओमेंद्र और नेकपुर सिविल लाइंस रनवीर ने उसे पांच-पांच लाख रुपये दिए।
अमन सभी युवकों को बिहार ले गया। वहां ट्रेनिंग के नाम पर एक जगह पर रखा। फिर उन्हें ट्रेनिंग के फर्जी सर्टिफिकेट थमा दिए। तय समय के अनुसार उनकी नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे। तेजेंद्र ने भी कई बार रुपये लौटाने को कहा लेकिन उसने रुपये नहीं दिए। इसके बाद तेजेंद्र ने उसके खिलाफ न्यायालय का सहारा लिया। इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश के व्यक्ति के खिलाफ शनिवार रात धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया गया है। विवेचना कराई जा रही है।