बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने सभी दोषियों को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक पर 26,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
वादी मिहीलाल पुत्र वेदराम निवासी ग्राम सिरसोल पट्टी सीताराम कोतवाली बिल्सी ने 12 नवंबर 2015 को पुलिस को सूचना दी। इसमें उसने बताया कि उसके गांव का शिवकुमार उसे देखकर गाली देने लगा। मना किया तो उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। शोर पर उसकी पत्नी और भाई भोजराम वहां पर आ गया। उसके साथ भी मारपीट की।
मारपीट में भोजराम पुत्र वेदराम गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में चले इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद मुकदमा मारपीट की जगह गैर इरादतन की धारा में तरमीम हो गया। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया।
न्यायालय में रामकिशन पुत्र मिठाई लाल व तीन सगे भाई अशोक कुमार, शिवकुमार, श्री कृष्ण पुत्र रामचंद्र निवासी ग्राम सिरासोल पट्टी सीताराम थाना बिल्सी पर भोजराम की गैर इरादतन हत्या करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया।
न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया।अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात तीन सगे भाइयों संग चारों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई और जुर्माना लगाया।