चार कॉलेेज में महज छह शिक्षक है तैनात, एक ही कक्षा में कराई जाती है दोनों कक्षाओं की पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में बने तीन बालक व एक बालिका इंटर कॉलेज बिना विषय विशेषज्ञों के संचालित हो रहे हैं। इन चारों इंटर कॉलेजों में महज छह शिक्षक तैनात हैं जो कक्षा नौ और 11 के छात्र-छात्राओं को सभी विषय पढ़ा रहे हैं।
प्रदेश सरकार की पढ़ाई में सुधार लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जिले में इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। वर्ष 2022 में चार इंटर कॉलेज बनकर तैयार हुए। और उनको माध्यमिक शिक्षा विभाग के हैंडओवर कर दिया था। हालांकि 2022 में अनुमति नहीं मिलने के कारण यह शुरू नहीं हो सके। 2023 में इन चारों इंटर कॉलेजों में कक्षा नौ और 11 की कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दे दी गई। जिसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज घटपुरी आरके वर्मा, यूसुफनगर में नवल किशोर उपाध्याय, बंदोरी में मिथलेश यादव और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज डहरपुर में राहुल दीक्षित को प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा इन कॉलेजों में महज छह शिक्षकों को तैनात किया गया है। जिसके द्वारा कक्षा नौ व 11 की सभी कक्षाएं संचालित की जानी है। ऐसे में विषय विशेषज्ञों की कमी छात्र-छात्राओं में साफ तौर पर देखने को मिल रही है। नए शैक्षिक सत्र में यह सभी छात्र-छात्राएं बोर्ड की परीक्षाएं देंगे। ऐसे में अच्छे नंबर लाना, इनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
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कॉलेज स्टाफ भी है परेशान
-अगर किसी स्टाफ को अवकाश लेना हो, तो आपस में समन्वयक बनाकर चलना पड़ता है। एक शिक्षक के जाने पर दोनों कक्षाएं एक शिक्षक के हवाले रहती है। ऐसे में कभी कभार एक ही कक्ष में दोनों कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को बैठाकर पढ़ना पड़ता है। अगर दोनों शिक्षकों ने एक साथ अवकाश ले लिया। तो उस दिन कॉलेज बंद रखना मजबूरी हो जाएगी।
फैक्ट फाइल
राजकीय इंटर कॉलेज घटपुरी
-रेखा सागर (विज्ञान)
-रविता ( गृह विज्ञान )
-छात्र-छात्राएं-299
राजकीय इंटर कॉलेज यूसुफनगर
-राकेश (हिंदी)
-अमर बहादूर (संस्कृत)
-छात्र-छात्राएं-105
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राजकीय इंटर कॉलेज बंदाेरी
-विनीता (संस्कृत)
-नमो नारायण(इतिहास-अटैच)
-छात्र-छात्राएं-187
-(प्रधानाचार्य मैटरनिटी लीव पर है, ऐसे में एक शिक्षक को अटैच किया गया है)
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज डहरपुरकला
-अलका सिंह (जीव विज्ञान)
-छात्राएं-210
वर्जन-
चारो राजकीय इंटर कॉलेजों में शासन स्तर से शिक्षकों और स्टाफ की तैनाती होनी है। इसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।- डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस