बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायधीश ईसी एक्ट ने 13 साल पहले हुए हत्या के प्रयास के मामले में दो सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को दोषी पाते हुए छह साल की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर चार-चार हजार का जुर्माना लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसहैत थाना क्षेत्र के गांव बिरियाडांडा निवासी श्रीवती ने 11 मई 2012 को थाने पर एक मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में बताया था कि एक साल पहले उसके देवर के यहां चोरी हो गई थी। चोरी भूरे, पप्पू और महाराज ने की थी। इसकी रिपोर्ट थाने पर दर्ज हुई थी।
इस वजह से ही ये लोग उनके परिवार से रंजिश मानने लगे थे। आरोपियों का शिव सिंह भी साथ देता था। दस मई को उनका बेटा उमेश गेहूं की निकासी करके ट्रैक्टर से घर लौट रहा था। इसी बीच शिव सिंह के घर के पास पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उनके बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया।
शिव सिंह व भूरे ने फरसा से हमला किया, जबकि पप्पू और महाराज ने तमंचे से हवाई फायर किए। हमले में उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने भूरे व पप्पू पुत्रगण कोरी, शिव सिंह और महाराज के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
सभी साक्ष्यों को संकलित कर शिव सिंह के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। कोर्ट ने धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत आदेश करके पप्पू, भूरे और महाराज को भी आरोपी बनाया। बुधवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर और दलील सुनने के बाद दो सगे भाई पप्पू, भूरे और शिव सिंह व महाराज को छह साल की सजा सुनाई है।