बदायूं। बारह साल पहले किए गए जानलेवा हमले के आरोपी चार सगे भाइयों को सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही सभी आरोपियों पर आठ-आठ हजार का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव नसरोल निवासी बाबू राम ने एक रिपोर्ट 10 फरवरी 2013 को थाना इस्लामनगर पर दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि नौ फरवरी को गांव के ही संतु पुत्र डल्लू को थाना इस्लामनगर की पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले गई थी, लेकिन संतु के परिवार को लगता था कि पुलिस वादी की वजह से पकड़कर ले गई है।
दस फरवरी को सुबह के समय गांव के खेमपाल, प्रमोद इंद्रपाल व रवि पुत्रगण डल्लू ने वादी के भाई भीकमपाल व गोविंद को उसके घर के बाहर गाली गलौज की। मारपीट की। भाई की पत्नी बचाने आई तो उसके साथ भी मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गई।
तब पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर सभी साक्ष्यों को संकलन करके सभी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। दलील सुनने के बाद सगे चार भाइयों खेमपाल, प्रमोद, इंद्रपाल व रवि को चार साल की सजा सुनाई है।