पिछला भुगतान और नए मूल्य तय न होने से रोष
भाकियू के जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह और बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना के नेतृत्व में राष्ट्रीय आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया गया। गन्ना होम कर गन्ना किसानों की समस्याओं को उजागर किया गया। नेता द्वय ने कहा कि किसान हित में कोई सरकार काम नहीं कर रही है। ऐसी पार्टियों केंद्र और प्रदेश सरकार में बैठीं हैं, जिनके रहते जाति, धर्म और अलगाववादी मानसिकता का बोलवाला है। अन्नदाता किसान कितना परेशान है, किसी का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। किसान आत्महत्याएं करने को मजबूर है और सांसदों का वेतन बढ़ाया जा रहा है। मंडलीय उपाध्यक्ष चौ. सौदान सिंह ने कहा कि उद्योगपतियों को ऋण लेने में आसानी है लेकिन किसानों को ऋण लेना काफी परेशानी भरा होता है। प्रवक्ता नरेंद्र सक्सेना, सुरेश गुप्ता, नगर अध्यक्ष हारुन गौस, सतीश साहू आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर सिपट्टर सिंह, चंद्र मोहन वर्मा, आरिफ गाजी, मुकेया यादव, राम स्वरूप, मुनेंद्र, प्रेमधन, राम बहादुर, गिरीश, परमेश्वरी, जरीना, असलम, पप्पू सैफी आदि मौजूद रहे।
करौतिया में हुई पंचायत
बदायूं। अंबावता गुट की भाकियू ने भी ग्राम करौतिया में पंचायत कर गन्ना किसानों की समस्या उठाईं। प्रदेश महासचिव नईम चौधरी ने कहा कि जहां गन्ना किसान सबसे खराब हालात में हैं, वहीं सूखा राहत का धन भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। किसानों की भारी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंचायत में मंडल महासचिव सोहनपाल, जिलाध्यक्ष जमुना सिंह फौजी ने भी विचार व्यक्त किए। पंचायत में रोहताश्व सिंह, अंबा सहाय, छन्नू, राकेश कुमार गुप्ता, प्रभाकर उपाध्याय, अफसर हुसैन, अकरम हुसैन, विद्याराम, अच्छन टेलर, उदयवीर सिंह, रक्षपाल सिंह आथ्र राजेश सिंह आदि मौजूद रहे।