बदायूं। पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल की ओर से न्यायालय में दायर कराये गए परिवाद में भाग्यश्री उर्फ राजेश्वरी को पत्नी मानने से इन्कार करते ही भाग्यश्री ने अपनी शादी के फोटो सार्वजनिक कर दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक का झूठ सबके सामने आ रहा है। उन्होंने उसकी संपत्ति हड़पने के लिए न्यायालय में फर्जी परिवाद डाला है। उनके पास शादी होने के तमाम साक्ष्य हैं। आवश्यकता पड़ने पर वह उन्हें न्यायालय में पेश करेंगी।
भाग्यश्री के अनुसार, बिनावर विधानसभा से पांच बार विधायक रहे रामसेवक सिंह पटेल ने पहली शादी ग्राम शिकरापुर निवासी सरोज देवी से थी। बरेली की जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल और रोहित पटेल उन्हीं की संतान हैं। उन्होंने दूसरी शादी कस्बा गुलड़िया निवासी रेखा राठौर और तीसरी शादी बबिता पटेल से की। उन तीनों पत्नियों की मौत हो चुकी है।
भाग्यश्री के अनुसार, वह बरेली के कस्बा बहेड़ी की रहने वाली हैं। उनकी पहली शादी सेना के जवान से हुई थी, लेकिन उनका पति चुपके से एक और शादी कर चुका था। वह एक माह तक ससुराल में रहीं, फिर इसकी जानकारी होने पर वह मायके आ गईं। उनके कुछ रिश्तेदारों ने मिलकर साल 2008 में रामसेवक पटेल से उनकी शादी करा दी, जबकि रामसेवक उनसे करीब 35 साल बड़े थे।
भाग्यश्री की यह दूसरी शादी थी। इसलिए शादी में फेरे की रस्म नहीं निभाई गई। पूर्व विधायक ने उन्हें मंगलसूत्र पहनाकर पत्नी स्वीकार किया। इस दौरान फोटो भी खींचे गए। मकान, कार, पिस्टल, स्कूटी, बीमा, आधार कार्ड, पहचान पत्र, बेटी के अंकपत्रों, स्कूल तक तक रामसेवक पटेल का नाम लिखा है। वह उनके साथ चौदह साल रहीं।
संपत्ति हड़पने के लिए डाला गया परिवाद
भाग्यश्री उर्फ राजेश्वरी का आरोप है कि शादी के बाद उन्होंने मधुवन कॉलोनी में एक मकान खरीदा। एक कार, एक पिस्टल और दो स्कूटी खरीदी। यह सब उनके नाम है, लेकिन यह संपत्ति पूर्व विधायक के कब्जे में हैं। इन पर पूरा अधिकार पाने को उन्होंने फर्जी परिवाद दायर कराया है।
- मकान कार आदि उन्होंने कहां से खरीदा था। सब हमने कमाया था, हमने खरीदा था। अब वह मकान बेचना चाहती हैं तो हम कहां रहेंगे। रही बात शादी के फोटो की, तो फोटो बनाए भी जाते हैं। अब यह न्यायालय का मामला है। - रामसेवक सिंह पटेल, पूर्व विधायक