फिरौती के लिए अपहरण और हत्या के आरोपी हरीश पहाड़िया को शरण देने के आरोपी पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य शुक्रवार को स्पेशल जज डकैती विकास कुमार की कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में वकील के जरिए जमानत अर्जी दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पूर्व मंत्री की जमानत मंजूर कर ली। मामले में अब सुनवाई नौ जनवरी को होगी।
सदर कोतवाली के मोहल्ला कल्यान नगर से प्रशांत सैनी पुत्र अर्जुन सैनी को 28 अक्तूबर 2011 को फिरौती के लिए अगवा कर लिया गया था। प्रशांत के पिता अर्जुन ने 30 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई। 11 नवंबर 2011 को प्रशांत की लाश सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव शेखूपुर के जंगल से बरामद हुई। जेल में बंद कुख्यात दीपक सिंघल के साथ पहाड़िया ने प्रशांत के अपहरण की योजना बाई थी। बाद में पहाड़िया ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हरीश पहाड़िया को जनवरी 2012 में पूर्व मंत्री भगवान सिंह के शिवपुरम स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। उस समय भगवान सिंह शाक्य कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे। हरीश पहाड़िया भी उनका चुनाव लड़ा रहा था। पुलिस ने भगवान सिंह को भी आरोपी बनाया था। भगवान सिंह ने अब तक जमानत नहीं कराई थी। सुनवाई कर रहे स्पेशल जज डकैती कोर्ट विकास कुमार ने छह दिसंबर को भगवान सिंह शाक्य गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इसके बाद शुक्रवार को भगवान सिंह कोर्ट में पेश हुए। उनकी जमानत अर्जी को स्वीकार कर कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। अब सुनवाई नौ जनवरी को होगी। भगवान सिंह इन दिनों भाजपा में हैं। वह शेखूपुर विधानसभा से टिकट के दावेदार हैं।
तीन घंटे तक कोर्ट में खड़े रहे पूर्व मंत्री
बदायूं। पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य को जमानत के लिए करीब तीन घंटे तक कोर्ट में खड़ा रहना पड़ा। इस दौरान उनके तमाम समर्थक भी यहां मौजूद रहे। समर्थकों के साथ वह करीब 11:30 बजे अपने वकील के साथ स्पेशल जज डकैती कोर्ट पहुंच गए। उनके वकील की ओर से जमानत अर्जी दी गई। इस पर सुनवाई के बाद करीब 2:30 बजे कोर्ट का फैसला आया। उनकी जमानत को मंजूरी मिलने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।