बदायूं। वजीरगंज क्षेत्र में तैनात वन रक्षक शगुन पाराशर को माफिया से सांठगांठ कर अवैध रूप से लकड़ी कटवाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचा, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है।
शगुन पाराशर मूल रूप से बिसौली तहसील क्षेत्र के निवासी हैं। वर्तमान में वजीरगंज और सैदपुर क्षेत्र में वन रक्षक के पद पर तैनात थे। बीते काफी समय से इन क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटान की गतिविधियां बढ़ गईं थीं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार शिकायतें की जा रही थीं कि संरक्षित वन क्षेत्रों से रात के समय लकड़ी काटकर बाहर भेजी जा रही है। इस कार्य में विभागीय मिलीभगत की आशंका है।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने वन विभाग को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद विभागीय अधिकारियों की टीम ने वजीरगंज और सैदपुर क्षेत्र में छानबीन की। जांच के दौरान दस्तावेजों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि अवैध लकड़ी कटान में वन रक्षक शगुन पाराशर की संलिप्तता है और उन्होंने माफिया से सांठगांठ कर इस कार्य को संरक्षण दिया।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई, जिस पर कार्रवाई करते हुए बरेली से मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह के आदेश पर शगुन पाराशर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभाग की ओर से उनके खिलाफ विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।