वजीरगंज ( बदायूं )। रोटा गांव के ग्रामीणों के लिए रहस्य और आतंक का पर्याय बन चुके अज्ञात जानवर ने शनिवार की रात एक बार फिर से एक अन्य घर में बंधी बकरियों को अपना निशाना बनाना चाहा मगर घर वालों के जागने पर वह सफल नहीं हो सका। घटना के दो घंटे बाद वन विभाग की टीम ने दावा किया कि भेड़ों पर हमला करने वाला कुत्ता है।
रोटा में दो बार हमला कर 46 भेड़ों को मारने वाला जानवर तीन दिन बाद शनिवार रात फिर से गांव में देखा गया। इस बार वह शिकार करने में नाकामयाब रहा। उसने 12 बजे के करीब वाहिद अली के घर में बंधी बकरियों को निशाना बनाना चाहा, लेकिन घर के लोग जाग रहे थे। आहट होने पर देखा तो कोई काला जानवर बकरियों पर झपटने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने शोर मचाया तो वह भाग गया। इधर, वन विभाग की टीम ने रात करीब दो बजे भेड़ों पर हमला करने वाले स्थान पर किसी काले जानवर को देखा। जब छत पर पहुंचे तो वहां उन्हें काला कुत्ता मिला। विभाग का दावा है कि वह काला जानवर कुत्ता ही है।
शनिवार रात टीम के साथ निगरानी कर रहे थे। एक घेर की छत पर काला जानवर दिखाई दिया। उसी समय जब पास में जाकर देखा तो वहां काला कुत्ता बैठा हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि यह कुत्ते गांव में कभी नहीं देखा गया था। इस कुत्ते नहीं भेड़ों को मारा है। - हासिर खान, डिप्टी रेंजर