बदायूं। बदायूं के आलू का स्वाद विदेशी भी चखेंगे, इसको लेकर उद्यान अधिकारी ने तैयारी कर ली है। यहां का आलू विदेश भेजने की तैयारी है। अगले महीने विदेश के लिए आलू भेजा जाएगा। वैसे आलू की एक खेप महीने भर पहले खाड़ी देश बहरीन भेजी जा चुकी है। इसके अलावा देश के कई राज्यों में यहां से आलू भेजा जाएगा।
आलू उत्पादन में फर्रुखाबाद की तरह बदायूं की धरती भी उपजाऊ है। इस बार जिले में आलू की खेती 23.60 हजार हेक्टेयर में की गई थी। उद्यान विभाग के अनुसार 6.50 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ है। पिछले साल 23 हजार हेक्टेयर में आलू बोया गया था और उससे 5.50 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ था। पूर्व की अपेक्षा उत्पादन बढ़ा है। आलू के उत्पादन को देखते हुए जिले में 102 कोल्ड स्टोर हैं। इन कोल्ड स्टोरों में पांच लाख मीट्रिक टन आलू इस बार रखा है। स्टोर से आलू की निकासी मई के अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाएगी। उसी दौरान आलू विदेश भेजा जाएगा।
उद्यान अधिकारी ने बताया कि आलू की खुदाई के समय मार्च में बहरीन के लिए 29 सौ क्विंटल की एक खेप भेजी गई थी। विदेश भेजे जाने से किसानों को आलू का दाम 1900 से 2100 रुपये क्विंटल मिला था। अब फिर से अरब देशों में आलू भेजने की तैयारी है। खाड़ी के कई देशों से डिमांड है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, नेपाल आदि में यहां आलू भेजा जाएगा।
चिप्सोना, कुफरी आनंद और हीरा आलू की भरमार
कोल्ड स्टोर में चिप्सोना, कुफरी आनंद और हीरा आलू रखा हुआ है। खाने में चिप्सोना जायकेदार बताया जाता है। यहां पर सबसे ज्यादा बिल्सी, सहसवान और उझानी के इलाकों में होता है।
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- जिले में आलू की उत्पादकता बढ़ी है। पांच लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोर में रखा है। मार्च में 29 मीट्रिक टन आलू बहरीन भेजा गया था। अब मई के अंत में कई और देशों को यहां आलू भेजने की तैयारी है। इससे किसानों को आलू का अच्छा दाम मिलेगा। इसके अलावा देश के कई राज्यों में भी आलू भेजा जाएगा।
- सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी