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बुलंदशहर की युवती से जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह किया, कादरचौक के युवक समेत चार पर रिपोर्ट

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बदायूं। कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव गौरामई में बुलंदशहर जिले की युवती को लाकर जबरन धर्म परिवर्तन कर उसके साथ निकाह किया गया। युवती ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। उसे कई तरह की यातनाएं दी गईं। किसी तरह युवती बचकर भाग निकली। वह अपने बहन-बहनोई के घर खुर्जा पहुंची, वहां उसने आपबीती सुनाई। इसे बाद शिकायत पर कादरचौक पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जबकि दो आरोपी पकड़ से दूर हैं।
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18 वर्षीय युवती बुलंदशहर के अहारा थाना क्षेत्र की निवासी है। उसके पिता का आरोप है कि कुछ माह पहले कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव गौरामई निवासी दानिश पुत्र अहमद मियां उनकी बेटी से दिनेश नाम बताकर मिला था। तब उसने गांव का नाम भी दूसरा बताया था। आरोपी ने उनकी बेटी से दोस्ती कर दी। फिर उसे बहला-फुसलाकर अपने गांव गौरामई ले आया। यहां आकर जब बेटी को पता चला कि ये लोग दूसरे धर्म के हैं तो उसने घर से निकलने की कोशिश की। तब आरोपियों ने उसे घर में बंधक बना लिया। जबरन उसका धर्म परिवर्तन कराया। बाद में आरोपी दानिश ने उससे जबरन निकाह किया। उसकी बिना मर्जी के उसके साथ संबंध बनाए। आरोपी उसे घर से बाहर नहीं निकलते देते थे और न ही किसी से बात करने देते थे। उसके साथ मारपीट करते और उसे यातनाएं देते थे। दानिश के पिता अहमद मियां और उसके भाई चाहत मियां ने भी मारपीट की। कुछ दिन आरोपियों ने उसे मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव छगनपुर में रिश्तेदार आमिर के घर रखा। यहां भी उसके साथ मारपीट की गई।
करीब एक माह पहले युवती को गौरामई से निकलने का मौका मिल गया। वह घर से निकलकर किसी तरह अपने बहन-बहनोई के घर खुर्जा पहुंची। बुलंदशहर से गौरामई तक उसके साथ जो हुआ, उसने सब बताया। इसकी जानकारी पर उसके परिवार वाले खुर्जा पहुंच गए। सोमवार रात में युवती के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दानिश, अहमद मियां, चाहत मियां और आमिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मंगलवार को पुलिस ने दानिश और उसके पिता अहमद मियां को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
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दिल्ली में भी की थी शादी, फिर लेकर पहुंचा था गौरामई
कादरचौक (बदायूं)। युवती के पिता का आरोप है कि दानिश बेहद चालाक है। वह उनकी बेटी को अपना नाम दिनेश बताता था। उसने कभी अपना पता भी सही नहीं बताया। वह कहता था कि कादरचौक का रहने वाला है, जिससे उसने उनकी बेटी से दोस्ती कर ली थी। आरोपी उनकी बेटी को दिल्ली भी ले गया था। तब तक उनकी बेटी को यही पता था कि दानिश हिंदू है और उसका नाम दिनेश है। उसने बकायदा हिंदू बनकर उनकी बेटी से दिल्ली में विवाह किया। कुछ समय उसके साथ दिल्ली में रहा। फिर उसे अपने गांव गौरामई ले गया। जब युवती उसके घर पहुंची। तब उसे पता चला कि ये दिनेश नहीं दानिश है। इससे उनकी बेटी वहां से निकलना चाहती थी लेकिन काफी समय तक उन्होंने बंधक बनाया। एक दिन उसे मौका मिल गया, जिससे वह वापस लौट आई।
मारपीट और यातनाओं से सदमे में है युवती
आरोपियों ने भेद खुलने के बाद मारपीट शुरू की थी। उसे हर प्रकार से डराने की कोशिश की गई। उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। युवती के पिता का आरोप है कि दानिश और उसके परिवारवालों ने उससे कहा था कि अगर यहां से भागने की कोशिश की या भी परिवारवालों को कुछ बताया तो उसे गोली मार देंगे। मारपीट और यातनाओं से युवती सदमे हैं।
आरोपी ने करीब एक साल पहले दिल्ली में युवती से शादी की थी। युवती के परिवारवालों का कहना है कि जब लड़की गौरामई आई तो उसे पता चला कि आरोपी दूसरे धर्म का है। उसका दूसरा नाम है। उन्होंने मारपीट, यातनाएं, धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस मामले में रिपोर्ट लिख ली गई है। दो आरोपी पकड़कर जेल भेज दिए गए हैं। दो आरोपी फरार हैं। उन्हें तलाश किया जा रहा है। - गजेंद्र कुमार, सीओ उझानी
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