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धीरे-धीरे कम हो रहा गंगा का जलस्तर, कटान हो रहा तेज

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कटान रोकने को तटबंध पर लगाई गईं बालू भरी बोरियां। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन इसके साथ कटान तेज हो रहा है। हालांकि, जलस्तर पिछले करीब 15 दिन से खतरे के निशान के ऊपर ही है। शुक्रवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 162.40 मीटर दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को यह 162.51 और बुधवार को 162.62 मीटर था। मीटर गेज पर खतरे का निशान 162 मीटर पर है।
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शुक्रवार को गंगा में नरौरा से 68957, बिजनौर से 53603 और हरिद्वार से 66704 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर कम होने के साथ गंगा ने कई स्थानों पर कटान तेज कर दिया है। उसहैत के अहमदनगर बछौरा, जटा, असमया रफतपुर में कटान के कारण हालात फिर से बिगड़ने लगे हैं। उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर भी कटान हो रहा है। इधर, जलस्तर कम होने के बाद सहसवान के गांव तौफी नगला में महावा नदी के पुल की एप्रोच रोड से पानी उतर गया है। तीन-चार दिन तक यहां बाढ़ के पानी के एप्रोच रोड डूबने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। सेतु निगम की ओर से भी यहां बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए एप्रोच रोड को ठीक कराने का काम चालू करा दिया गया है।
उसहैत, उसावां बांध पर कटान रोकने के लिए बालू भरी बोरियां लगाई जा रही हैं। दरअसल, जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर जाने के बाद जब नीचे आता है तो कटान तेज हो जाता है। आने वाले दो दिन तक जलस्तर और गिरने का अनुमान है। ऐसे में तटबंधों और कटान वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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नरौरा, बिजनौर और हरिद्वार से कम पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर अब कम हो रहा है। रविवार को मीटर गेज पर जलस्तर 162.40 दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर है। जलस्तर कम होने के कारण अब कटान भी तेज होने लगा है।
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-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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