बाढ़ से घिरा उसहैत क्षेत्र का गांव जटा। संवाद
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बदायूं। इस मौसम में मंगलवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 72 सेमी तक ऊपर पहुंच गया। इस सीजन में अब तक का यह सबसे उच्च स्तर है। पिछले दो दिनों से जलस्तर खतरे के निशान से 55 सेमी ऊपर था। मीटरगेज पर मंगलवार को गंगा का जलस्तर 162.72 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 162 मीटर पर है।
गंगा पिछले करीब पंद्रह दिन से खतरे के निशान के ऊपर है। तटवर्ती गांवों में कटान के साथ तटबंधों पर लगातार दबाव बना हुआ है। उसावां, उसहैत और गंगा-महावा तटबंधों को मंगलवार को ज्यादा खतरा पैदा हो गया है। चौबीस घंटे में जलस्तर में 17 सेमी का इजाफा होने के साथ ही प्रशासन और बाढ़ खंड ने संवेदनशील गांवों को खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीण भी जरूरी सामान और पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर कूच करने लगे हैं। गंगा में उफान के कारण उसहैत क्षेत्र के अटैना गंगा घाट पर मंदिर तक पानी आ गया है। कछला में गंगा ने पूरी तरह से फैलाव ले लिया है। उसहैत के अहमद नगर बछौरा, असमया रफतपुर, जटा, रैपुरा, कमलैया नगला को बाढ़ ने घेर लिया है। उस पार के गांवों के लोगों का सड़क संपर्क कटने के साथ यहां नावों का सहारा लिया जा रहा है।
गंगा की धारा अब असमया रफतपुर और अहमद नगर बछौरा तक पहुंच चुकी है। यहां काफी जमीन गंगा में समा चुकी है। सहसवान के गांव टोटपुर करसरी, बसौलियाम में काफी कटान हो रहा है। तटवर्ती अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी घुसने लगा है। ऐसे में यहां भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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मंगलवार को गंगा में नरौरा बैराज से इस सीजन का सबसे ज्यादा 1.38 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर मंगलवार को खतरे के निशान से 72 सेमी ऊपर पहुंच गया है। हालात फिलहाल काबू में लेकिन संवेदनशील हैं। अगर और पानी आता है तो खतरा बढ़ जाएगा।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड