बदायूं। गंगा के जलस्तर में रविवार के मुकाबले सोमवार को कुछ कमी आने के साथ कटान और तेज हो गया है। रविवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर 162.28 मीटर तक पहुंच गया था। यह खतरे खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर था। सोमवार को कछला में मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 161.88 मीटर दर्ज किया गया। इस बीच उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर हालात और भी गंभीर हो गए हैं। सहसवान और दातागंज तहसील क्षेत्र के 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां कटान भी हो रहा है।
सोमवार को गंगा में नरौरा से 28919, बिजनौर से 41428 और हरिद्वार बैराज से 46997 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दो दिन तक खतरे के निशान के ऊपर रही गंगा सोमवार को खतरे के निशान के 12 सेमी नीचे आई हैं। इस बीच सोमवार को शासन स्तर से संबंधित विभागों को बाढ़ के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है। दातागंज तहसील के कस्बा उसहैत में गंगा के इस पार और उस पार के 13 से ज्यादा गांव बाढ़ से घिर गए हैं। उस पार के गांवों का संपर्क टूट गया है। सहसवान में तटवर्ती सात से आठ गांवों में गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। यहां भूमि लगातार गंगा में समा रही है।
कई स्थानों पर कटान तेज होने के मद्देनजर बाढ़ खंड की ओर से सतर्कता और बढ़ा दी गई है। सोमवार को एक्सईएन बाढ़ खंड उमेश चंद्र और सहायक अभियंता नेशपाल सिंह ने संवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण किया।
बाढ़ और कटान के मद्देनजर प्रशासन उसहैत के गांव अहमदनगर बछौरा, जटा, कदम नगला को खाली कराने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, गंगा पूरे उफान पर हैं। इस सीजन अब तक ज्यादा बारिश नहीं हुई है। नरौरा बैराज से एक साथ अब तक एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी नहीं आया है। आने वाले दिनों में वाटर डिस्चार्ज बढ़ने के साथ एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने का अनुमान है।
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इन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, हो रहा कटान
दातागंज तहसील के उसहैत क्षेत्र के गांव रैपुर, अहमनगर बछौरा, कदम नगला, ठकुरी नगला, जटा, बेहटी, भखरी, कमलू नगला, चेतराम नगला, दियूरी नगला बाढ़ से घिर गए हैं। कई स्थानों पर कटान भी हो रहा है। सहसवान तहसील के तटवर्ती गांव टोटपुर करसरी, भकरौलिया, परशुराम नगला, नगला वीर सहाय, वरन नगला, तौफी नगला में गंगा कटान कर रही हैं। यहां भी कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कछला गंगा घाट पर भी गंगा ने पूरी तरह से फैलाव ले लिया है।
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तटवर्ती गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने लगाए 65 हेल्थ कैंप
शासन स्तर से अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गंगा और रामगंगा के तटवर्ती 65 गांवों में स्वास्थ्य टीमों को तैनात करते हुए हेल्थ कैंप लगाए हैं। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में फैलने वाली बीमारियों से संबंधी दवाओं के साथ सांप के काटने पर काम आने वाले एंटी स्नेक वेमन (एएसवी) भी सभी कैंपों को मुहैया करा दी गई है। ऐसा दावा विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। हालांकि, कई बाढ़ चौकियों पर अब भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं पहुंची हैं। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय का कहना है कि शासन स्तर से अलर्ट मिलने के बाद हेल्थ कैंप शुरू कर दिए गए हैं। पर्याप्त दवाएं और एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है।
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गंगा लगातार खतरे के निशान के आसपास हैं। इस दौरान कई बार खतरे का निशान पार भी कर चुकी हैं। उसहैत, उसावां और गंगा-महावा बांध पर कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। तटवर्ती कुछ गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं। जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड