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Budaun News: पुल निर्माण वाली जगह में भरा बाढ़ का पानी, 15 दिन से निर्माण रुका

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सहसवान क्षेत्र के बडेरिया जरीफपुर का निर्माणाधीन पुल जहां भर गया बाढ़ पानी। संवाद
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बदायूं। बड़ेरिया और जरीफपुर के आसपास के करीब 24 गांवों के लोगों को राहत उस समय मिली थी जब पिछले महीने पुल का निर्माण शुरू हुआ था। क्षेत्र के 25 हजार लोगों को उम्मीद बंधी थी कि जल्द ही उन्हें तहसील पहुंचने के लिए 10 किमी के लंबे सफर से निजात मिल जाएगी, लेकिन पिछले 15 दिन से निर्माण क्षेत्र में बाढ़ का पानी भरा होने से कार्य ठप पड़ा है।
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सहसवान तहसील के गांव बड़ेरिया और जरीफपुर गढ़िया के बीच महावा नदी पर पुल का निर्माण 31 जुलाई से शुरू हुआ था। इसके निर्माण के लिए शासन ने 21.84 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके बनने से 24 गांवों के करीब 25 हजार लोगों को राहत मिलेगी। तहसील पहुंचने के लिए उनका 10 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा।
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। गांव तोफिया नगला निवासी तिलक सिंह ने बताया कि बरसात के दिनों में महावा नदी उफान पर आ जाती है तो कई गांवों का आपसी संपर्क टूट जाता है। बोले, पुरानी पुलिया पानी में डूब जाती है, जिससे लोग 10 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाते हुए कछला होकर तहसील पहुंचते हैं। इसके लिए उन्होंने शासन में कई बार पहल की। इसके बाद पुल बनने का रास्ता साफ हो सका।
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31 जुलाई को सेतु निगम के ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू कराया। दस दिन काम होने के बाद ही बाढ़ का पानी आ गया। इसके बाद ठेकेदार को काम रोकना पड़ गया। अब 15 दिन से काम बंद है। पानी कम होने के बाद ही निर्माण का काम शुरू हो सकेगा। ठेकेदार का कहना है कि काम एक साल में पूरा करना है। अब बाढ़ का पानी भर गया है। जिससे दिक्कत हो रही है।


प्रोजेक्ट पर एक नजर
लागत- 21.85 करोड़
पहली जारी किश्त- सवा दो करोड़
लंबाई- 120.65 मीटर
एप्रोज रोड- पुल के दोनों तरफ 150-150 मीटर
पिलर- 10

इन गांवों को होगा फायदा
तोफिया नगला, खागी नगला, औरंगाबाद, टप्पा जामिनी, नगला बरन, धापड़, खिरगबारी, जरीफपुर गढि़या, रसूलपुर, कमनपुर सहित 24 गांवों के लोगों को लाभ होगा।


सहसवान में निर्माण कार्य शुरू तो हो गया, लेकिन बाढ़ का पानी आ जाने से निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। पानी कम होने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। - अरुण गुप्ता, प्रोजेक्टर मैनेजर, सेतु निगम
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