जल स्तर घटने के साथ ही कटान में तेजी आने से सुकुर्रा से टोंटपुर करसरी और परौटी से टोंटपुर करसरी स्कूल वाले दोनों मार्गों को 100 मीटर से अधिक गंगा ने काटकर अपने आगोश में समेट लिया है। इसके अलावा पीडब्लूडी द्वारा रिटायर्ड बांध पर इस वर्ष जूनियर हाई स्कूल और प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने के लिए नवीन डामर रोड का निर्माण कराया गया था। यह रोड भी पूरी तरह से गंगा में समा चुका है। गंगा की तेज धार से टोंटपुर करसरी जूनियर हाई स्कूल का एक कमरा गिरकर गंगा में समा गया जबकि विद्यालय का शेष भाग भी धीरे-धीरे गंगा में समाता जा रहा है। गांव परौटी पूरी तरह से जलमग्र है। ग्रामीण जीएम बांध के अलावा पंचायत सचिवालय में शरण लिए हुए हैं। गंगा के पानी में ग्रामीणों की सैकडों बीघा मक्का, बाजरा और गन्ना की फसलें डूब चुकी हैं। तेजी से हो रहे कटान से ग्रामीणों मेें दहशत व्याप्त है।
उसहैत में बांध को खतरा
उसहैत। उसहैत बांध से गंगा सटकर बह रही हैं। वर्ष 2013 में यहां बांध और ठोकरें कट गई थीं। उस समय यहां अलग बांध बनाए जाने का आश्वासन दिया गया था। इस बांध को बचाने के प्रयास पथरामई पर हुए हैं लेकिन पानी आ जाने बाद यह काम भी डूब गए हैं। बांध को अभी भी खतरा है। अगर यह बांध टूटता है तो बदायूं और शाहजहांपुर दो जिलों में भारी तबाही मचेगी। गंगा और बांध के बीच बसे आधा दर्जन गांवों के रकबे की फसलें तबाह हो रही हैं। सभी में पानी भरा है।