गंगा ने सबसे पहले भमरौलिया के पास कटान शुरू करते हुए शिव मंदिर के मंदिरों को अपने आगोश में ले लिया था। इसी के साथ ही टोंटपुर करसरी में प्राथमिक और जूनियर विद्यालय की चाहर दीवारी और रसोई घर भी गंगा में समा गए थे। स्कूल प्रांगण में जल भराव के कारण अन्य कमरे भी क्षतिग्रस्त होने के कगार पर हैं। गांव भमरौलिया में सड़क किनारे लगे दर्जनों पेड और फसले गंगा में समा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह गंगा का कटान लगातार जारी रहा तो आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांव गंगा की लहरों की चपेट में आ जाएंगे। तेज कटान से ग्रामीणों के चेहरों पर खौफ नजर आ रहा है।