यहां बता दें कि इस साल शुरू सीजन में बारिश के कारण आई बाढ़ से रामगंगा और गंगा के किनारे दो जगह चल रहे छह करोड़ के काम अधर में लटक गए थे। इस समय गंगा में कुल 32000 क्यूसेक ही पानी चल रहा है। रामगंगा भी शांत हैं। करीब एक महीने से अधिक का समय हो गया है न गंगा उफनी है और न रामगंगा। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि गंगा पर पथरामई के पास और रामगंगा पर नवादा मधुकर गांव के समीप चल रहे तीन-तीन करोड़ के बाढ़ सुरक्षा कार्यक्रम को धक्का लगा है।
बाढ़ आ जाने के कारण दोनो जगहों के काम होना असंभव थे। इसलिए काम रुकवा दिए गए थे। अभी काम इसलिए नहीं नहीं हो सकते क्योंकि बाढ़ की संभावनाएं 15 अक्तूबर तक रहती हैं। इसलिए अब छूटे गए कार्य अक्तूबर के बाद ही हो सकेंगे।
- प्रमोद कुमार सिंह, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड