बदायूं/ उसहैत। बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा और रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं गंगा के आसपास के गांवों में हालात खराब होने लगे हैं। कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है। वहीं गांवों के नजदीक पानी पहुंचना शुुरू हो गया है। बुधवार को नरौरा से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इसको लेकर प्रशासन ने बाढ़ संभावित गांवों में प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से पानी अब गांवों के पास पहुंचने लगा है। अहमद नगर बछौरा गांव के लोगों की मानें तो गंगा ने शाम के समय कटान भी करना शुुरू कर दिया। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। एसडीएम दातागंज ने गुरुवार को उसहैत के गांव जटा और अहमद नगर बछौरा गांव का निरीक्षण किया। गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह पानी गांव के पास पहुंचने लगा है। वहीं बांध से गांव को जाने वाला संपर्क मार्ग कटने के कगार पर आ गया है। ऐसे में तहसील प्रशासन द्वारा वहां के लिए चार नाव मंगाई गई हैं, ताकि संपर्क मार्ग कट जाने की स्थिति नाव का उपयोग किया जा सके।
39 परिवारों को बसाया जाएगा दूसरे गांव में
- पिछली बार आई बाढ़ ने अहमद नगर बछौर में काफी तबाही मचाई थी। तब उन गांवों के लोगों को दूसरे गांवों में बसाने की बात कही थी। कुछ लोगों को दूसरे गांव में बसा भी दिया था। वहीं बचे हुए 39 परिवारों को पड़ोस के गांव मुगैरा में बसाने की तैयारी तहसील प्रशासन ने कर ली है। इसके लिए लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी है।
ग्रामीणों को तिरपाल बांटे
सहसवान। गुरुवार को भी नरौरा से गंगा में पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जल भराव का संकट और अधिक गहरा गया है। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में भी पानी भरना शुरू हो गया है। हालांकि अधिकांश ग्रामीण अभी भी गांव में ही रुके हुए हैं। तहसील प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों के परिवारों को तिरपाल वितरित किए और उनसे गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर आने की अपील की।
गुरुवार को नरौरा बैराज से गंगा में दो लाख 23 हजार 896 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे कछला में मीटर गेेज बढ़कर 163.80 मीटर पर पहुंच गया। गंगा में उफान आ गया। तेजी से बढ़ रहा पानी ग्रामीणों की मुसीबत बना हुआ है। सभी स्थानों पर बाढ़ का पानी महावा बांध से सटकर बह रहा है। पहले ही बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में हालात और खराब हो गए हैं। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में भी जलभराव शुरू हो गया है। कुछ ऊंचे मकानों को छोड़कर निचले हिस्सों में पानी भर गया है। एसडीएम संजय कुमार सिंह, तहसीलदार धीरेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र पाल, लेखपाल सत्यपाल सिंह आदि ने प्रभावित गांव वीरसहाय नगला, खागी नगला, परशुराम नगला, भमरौलिया के 335 परिवारों को तिरपाल वितरित किए। उनसे प्राथमिक विद्यालय व गंगा महावा बांध पर शरण लेने की अपील की।