जिले के सभी 1038 गांवों में जनसेवा केंद्रों की स्थापना को संस्था वयंटेक अधिकारियों की नजरों में चढ़ गई है। जनसेवा केंद्र परियोजना के प्रभारी एडीएम वित्त राजेंद्र प्रसाद ने गंभीर शिकायतें मिलने पर वयंटेक के जोनल मैनेजर और जिला प्रबंधक को तलब कर लिया। जोनल मैनेजर के न आने पर उसका जवाब तलब किया है। बाकी जन सेवा केंद्रों की सूची में गड़बड़ियां मिलने और बेरोजगार युवकों को ठगने के मामले में एडीएम ने फटकार लगाते हुए जेल भिजवाए जाने तक की चेतावनी दी है। पिछले केंद्रों की संस्तुति कराने और आगे बिना संस्तुति जनसेवा केंद्र न करने के निर्देश दिए हैं।
एडीएम वित्त के अलावा डीआरओ बी प्रसाद, ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक धर्मेंद्र यादव के समक्ष वयंटेक का जिला प्रबंधक केसी शाक्य उपस्थित थे, लेकिन जोनल मैनेजर हितेश कोहली उपस्थित नहीं हुए। इन्होंने इस वर्ष के 150 जन सेवा केंद्र कर दिए जाने की सूची भी उपलब्ध कराई। इनमें किसी को डीएम ने अनुमोदित नहीं किया था। जबकि पूर्व में ऐसा आदेश था कि बिना डीएम की संस्तुति के कोई केंद्र नहीं किया जाए। एडीएम ने पूछताछ की तो अधिक धन वसूली का मामला भी सामने आया। वयंटेक के इन कारिंदों पर एडीएम ओर डीआरओ बेहद नाराज हुए। अधिक धन वसूली ओर बेरोजगार युवकों से ठगी की जानकारी होने पर वयंटेक का ठेका निरस्त तक कर दिए जाने की चेतावनी दी गई है। शासन को इस संबंध में रिपोर्ट बनाकर देने के साथ ही कहा कि अब कोई जनसेवा केंद्र अधिक पैसे लेकर बिना डीएम की संस्तुति के किया जाता है तो वयंटेक का ठेका समाप्त करने को लिखा जाएगा और अधिक धन वसूली करने वालों को जेल भेजा जाएगा। यहां बता दें कि वयंटेक को जिले के सभी 1038 गांवों को जनसेवा केंद्र स्थापित कराने हैं। लेकिन इनकी गति बेहद धीमी है और निर्धारित शुल्क से अधिक धन लिए जाने की शिकायतें आ रही हैं।