बदायूं। कलक्ट्रेट में स्थित सदर मालखाने से पांच बोरी डोडा चूर्ण गायब होने के मामले में सिविल लाइंस थाने में रिटायर्ड हेड कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। ये वही कांस्टेबल है जिसके खिलाफ पहले कारतूस गबन की एफआईआर दर्ज हुई थी। उस मामले में सिपाही पकड़ा नहीं गया। अब उसके खिलाफ डोडा गायब करने की एक और रिपोर्ट लिखाई गई है।
वर्ष 2010 में फैजगंज बेहटा पुलिस ने सात बोरी डोडा चूर्ण बरामद किया था। प्रत्येक बोरी का वजन 19.700 किलोग्राम तोला गया था। थाना पुलिस ने कागजी कार्रवाई के बाद डोडा सदर मालखाने में जमा करा दिया था। बाद में मालखाना के प्रभारी राजाराम की मौत के बाद सिर्फ तीन बोरी डोडा प्राप्त हुआ। उसकी आख्या न्यायालय में पेश की गई लेकिन जब फैजगंज बेहटा के पैरोकार कैलाश चंद्र ने न्यायालय में डोडा प्रस्तुत किया गया तो उसमें दो ही बोरा डोडा निकला। जबकि एक बोरी डोडा दूसरे मुकदमे का था। न्यायालय में पूरा माल पेश न होने पर इसकी जांच क्षेत्राधिकारी नगर से कराई गई। इसमें पता चला कि फैजगंज बेहटा से सात बोरी डोडा बरामद हुआ था। माल बरामद करने वाले दरोगा और सिपाही ने गवाही भी दी थी। उस समय सदर मालखान का चार्ज हेड कांस्टेबल तेजपाल सिंह पुत्र पूरन लाल निवासी ज्योरा कल्यानपुर थाना बरखेड़ा जिला पीलीभीत को गठित टीम द्वारा दिलवाया गया था लेकिन उनसे पहले मालखाना का चार्ज उघैती कस्बा निवासी रिटायर्ड हेड कांस्टेबल राजवीर पर था। इस संबंध में सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओपी गौतम की तहरीर पर राजवीर सिंह के खिलाफ धारा 409 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मामला पुराना है। वर्ष 2010 में फैजगंज बेहटा थाना पुलिस ने डोडा बरामद किया था। जिसे मालखाने में जमा कराया गया था। उसमें पांच बोरी डोडा कम निकला है। मामले में रिटायर्ड कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
- ओपी गौतम, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस