बदायूं। झोलाछाप का इलाज जानलेवा साबित हो रहा है। तीन महीने में पांच लोगों की जान चली गई। लेकिन सिर्फ एक मामले में एफआईआर हुई। चार मामले रफादफा कर दिए गए।
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य महानिदेशक अतुल गोयल ने राज्य के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में भी साफ कहा है कि गलत इलाज से मौत होने पर आईपीसी की धारा 304 के तहत रिपोर्ट दर्ज होगी। पहले इसमें दो साल की सजा थी लेकिन अब यह सजा बढ़ाकर पांच साल हो गई है। लेकिन, यहां सीएमओ आदेश का पालन तक नहीं करा पा रहे हैं। जनवरी 2024 से अब तक पांच लोगों की झोलाछाप जान ले चुके हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस तक नहीं दिए हैं। एक मामले में उघैती पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की है। विभाग की इसी लापरवाही से गली-गली में झोलाछाप बैठे हुए हैं।
2024 में झोलाछाप का इलाज इनके लिए हुआ जानलेवा साबित
18 फरवरी: गांव मामूरगंज निवासी देवेंद्र ने पत्नी विमला को प्रसव के लिए कादरचौक में झोलाछाप के क्लीनिक में भर्ती कराया था। इलाज में लापरवाही से जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। मामला रफादफा हो चुका है।
23 फरवरी: कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव गंगी नगला में झोलाछाप के इलाज से दो बहनों की हालत बिगड़ गई। इसमें एक आठ वर्षीय सोनम की उपचार के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने किसी तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं समझा।
20 मार्च :सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव भमोरी निवासी पुष्पेंद्र ने पत्नी नीतू को प्रसव पीड़ा होने पर इस्लामनगर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम सात बजे नीतू ने बेटी को जन्म दिया। झोलाछाप के गलत इंजेक्शन से जच्चा- बच्चा दोनों की मौत हो गई। कोई कार्रवाई नहीं हुई।
07 अप्रैल: दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव दियोरी निवासी अनमोल (12) पुत्र अशोक शर्मा की झोलाछाप के यहां मौत हो हुई। कोई कार्रवाई नहीं हुई।
07 अप्रैल: उघैती थाना क्षेत्र के गांव घंसोली निवासी प्रेमवती (55) पत्नी रामप्रकाश की गलत इलाज से मौत हो गई। राम प्रकाश ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। गिरफ्तारी नहीं हुई है। कुछ लोग मामले को रफादफा करने में जुट गए हैं।
जहां झोलाछाप के इलाज से मौत की सूचना मिलती है। वहां उसी क्षेत्र के चिकित्साधिकारी और नोडल अधिकारी को मौके पर भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। अगर ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो गलत है। इन मामलों को मैं खुद देखकर कार्रवाई कराऊंगा।
- डॉ. अब्दुल सलाम, सीएमओ