बाईपास निर्माण में नौ गांवों की जमीन की जानी है अधिग्रहीत
शहर में बाईपास बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण को पांच गांव के ग्रामीणों को मुआवजा देने का जिला स्तर पर रास्ता साफ हो गया है। शेष चार गांव के संबंध में निर्णय होने के पश्चात मंडलायुक्त के अनुमोदन के बाद भूमि का चिह्नीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
शनिवार को कलक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने बाइपास निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि के संबंध में बैठक की। बैठक में जिन पांच गांव के किसानों की भूमि को अधिग्रहण कर मुआवजा राशि दिए जाने का निर्णय कर लिया गया। शेष चार गांव के मामले में अभी निर्णय किया जाना है। जिला स्तर पर मुआवजा राशि तय होने के बाद बरेली मंडल के आयुक्त के अनुमोदन के उपरांत भूमि का चिह्नीकरण का कार्य शुरू कर मुआवजा राशि वितरित की जाएगी।
बैठक में एडीएम प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सदर प्रदीप कुमार यादव, लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अनिल मिश्रा, अवर अभियंता विजय कुमार और तहसीलदार सदर सतीश चंद्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बाईपास को 40 करोड़ मुआवजा किया है तय
बदायूं। बरेली-मथुरा हाइवे से बीआरबी स्कूल से नौशेरा तक लगभग आठ किलो मीटर लंबे बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण को 40 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में धनराशि की आवश्यकता होगी। मुआवजा राशि को प्रथम और द्वितीय किस्त के रूप में अबतक कुल 17 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि सभी गांवों की मुआवजा राशि निश्चित होने के बाद भूमि का चिह्नीकरण कराकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।