उझानी में रावण का पुतला दहन। संवाद
उझानी। रामलीला महोत्सव में कलाकारों ने राम और रावण के युद्ध का मंच किया। शाम पांच बजे तक मंच, फिर मैदान में रावण को तीरों से छलनी कर दिया गया। तीर रावण के पुतले की नाभि में लगा तो वह जल उठा।
रामलीला मैदान परिसर में युद्ध की लीला का मंचन से पहले भाजपा विधायक हरीश शाक्य ने पुतला और कलाकारों का पूजन किया। राम, लक्ष्मण, हनुमान और रावण बने कलाकारों के बीच करीब आधा घंटे तक युद्ध की लीला का मंचन किया गया। विभीषण बने कलाकार ने रावण की नाभि में अमृत होने की जानकारी राम को दी तो उन्होंने ऐसी तीर चलाया जो पुतले में लगा। अग्नि वाण से पुतला जल उठा। इसके बाद दर्शकों में पुतले की अस्थि रूपी लकड़ियों को उठाकर ले जाने की होड़ मच गई। ऐसा करने के पीछे लोगों का मानना है कि बाधाओं पर विजय प्राप्त होती है। मेलाध्यक्ष कृष्ण कुमार वार्ष्णेय ने पुतला बनाने वाले कलाकारों को पुरस्कृत किया। व्यवस्थाओं में रोहताश गुप्ता, अंकित वार्ष्णेय, शिव किशोर माहेश्वरी, अरविंद शाक्य, राजपाल शाक्य, अनमोल गुप्ता, राहुल वार्ष्णेय, अवधेश वर्मा और संजीव आजाद का सहयोग रहा।