सोमवार को 45.6 डिग्री दर्ज किया गया अधिकतम तापमान, कुछ दिन में मिल सकती है राहत
- आज से 27 मई तक आंधी और हल्की बारिश के आसार तो कहीं-कहीं छाए रहेंगे बादल
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। कई दिनों से पारा 42 से 43 डिग्री तक जा रहा था। सोमवार को यह 45.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ऐसे में सोमवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। हालांकि कुछ दिन बाद भीषण गर्मी के चलते लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की भी समस्या बढ़ गई है। शहर से लेकर देहात तक लोग अब बिजली कटौती की मार झेलते हुए पावर कॉरपोरेशन के प्रति आक्रोशित हैं। यहां बता दें कि शहर में 24 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल है, जहां तीन से चार घंटे की कटौती कई क्षेत्रों में की जा रही है। देहात क्षेत्र में भी यही हाल है इस वजह से बिजली कटौती की शिकायतें भी बढ़ गईं हैं।
मौसम के जानकारों के अनुसार, आने वाले चार-पांच दिनों में मौसम अपना रुख बदल सकता है। कल मंगलवार से 27 मई तक आंधी और हल्की बारिश के आसार हैं तो कहीं-कहीं बादल भी छाए रह सकते हैं।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप के कारण कूलर, पंखे फेल हो गए हैं। दोपहर के समय सड़कें भी खाली नजर रही हैं। जो कुछ लोग निकल रहे हैं वह तेज धूप से झुलसे जा रहे हैं। सोमवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। अमूमन 43 डिग्री तक रहने वाला तापमान सोमवार को 45 डिग्री के पार पहुंच गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 32.7 डिग्री दर्ज किया गया।
पिछले साल की बात करें तो 22 मई-2022 को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 31 डिग्री रहा था। मौसम विज्ञानी डॉ. आलोक सागर गौतम के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मंगलवार को जहां बादल छाने का अनुमान है वहीं उसके बाद आंधी और बारिश के आसार बन रहे हैं। इस वजह से तापमान में भी कमी दर्ज की जाएगी।
एक सप्ताह में ऐसे चढ़ा तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
16 मई 43.0 30.0
17 मई 42.4 31.3
18 मई 41.9 31.4
19 मई 40.8 29.3
20 मई 40.8 29.3
21 मई 41.8 27.3
22 मई 45.6 32.7
तापमान बढ़ते ही अस्पताल में बढ़ने लगे मरीज
बदायूं। तापमान बढ़ने के साथ ही लू भी तेज हो गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों की अपेक्षा इन दिनों मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। इस वजह से ओपीडी में मरीजों को काफी देर तक लाइन लगानी पड़ रही है। सबसे ज्यादा डायरिया के ही मरीज सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों तक तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी न होने के साथ ही लू भी नहीं चल रही थी। इस वजह से उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या काफी कम थी। इसका अंदाजा जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए लगाया जा सकता है। सामान्य दिनों में जहां चार सौ से पांच सौ मरीज पहुंचते हैं वहीं पिछले तीन दिन से मरीजों की संख्या 16 सौ का आंकड़ा पार कर गई है। संवाद
विशेषज्ञ बोले, शरीर में न होने दें नमक और पानी की कमी
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि इन दिनों तापमान ज्यादा होने के साथ ही लू चल रही है। लू में शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इस वजह से लू की चपेट में आने वाले को बेहोशी, हाई बीपी जैसी समस्याएं होती हैं। इसके साथ ही बढ़ते तापमान की वजह से शरीर में नमक और पानी की कमी आती है। इस वजह से पेट की बीमारी जैसे उल्टी, दस्त शुरू हो जाते हैं। जिला महिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि गर्मी के साथ लू चलने से बच्चों के शरीर में भी पानी की कमी होती है इस वजह से शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, दस्त और उल्टी के साथ बुखार भी बच्चों को अपनी चपेट में ले लेता है।
ऐसे करें बचाव
- गर्मी में सूती कपड़े पहनें
- दोपहर को बहुत जरूरी कार्य न हो तो घर से बाहर न निकलें
- पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं
- तली-भुनी चीजों से परहेज करें
- तरल पदार्थ लेते रहें
- घर से निकलते समय पानी की बोतल साथ लेकर निकलें और ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं
- बच्चों को भी दोपहर में घर से बाहर न निकलने दें
- बच्चे खाली पेट न रहें
- बाहर से आने पर एक दम ठंडा पानी न पीएं, सामान्य पानी ही पीएं
भामाशाह चौक पर बने यात्री शेड पर तेज गर्मी में अपनी प्यास बुझाती महिला। संवाद
भामाशाह चौक पर बने यात्री शेड पर तेज गर्मी में अपनी प्यास बुझाती महिला। संवाद