बिसौली। ब्लॉक संसाधन केंद्र के गोदाम में बुधवार को एक बार फिर रहस्यमय तरीके से आग लग गई। मौके पर पहुंची दमकल ने आग बुझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन पानी खत्म होने पर पालिका के टैंकर मंगा गए। इसके बाद जैसे-तैसे आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक परिषदीय विद्यालयों में बांटने के लिए रखे आठ हजार स्कूल बैग जलकर राख हो चुके थे।
बुधवार दोपहर बाद जूनियर हाईस्कूल प्रांगण स्थित बीआरसी केंद्र के एक गोदाम में अचानक आग लग गई। कमरे से धुआं उठते देख बाउंड्री के बाहर सब्जी मंडी वालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दमकल को सूचना दी, लेकिन एक घंटे बाद दमकल की गाड़ी पहुंची, लेकिन कुछ ही देर में उसका पानी खत्म हो गया। आननफानन में पालिका से टैंकर मंगाए गए। उसके बाद में जैसे-तैसे आग पर काबू पाया गया। तब तक वहां पर रखे करीब आठ हजार बैग आग की भेंट चढ़ चुके थे। आग कैसे लगी, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। चर्चा है कि यह आग लोगों ने जान बूझकर लगाई है, ताकि वह कोई बड़ा घोटाला दबा सकें। हालांकि अगर सही से जांच की गई तो कई लोगों की गर्दन फंस सकती है।
यहां 18 सितंबर को भी हो चुका है अग्निकांड
-जिस तरह बुधवार को आग लगी, ठीक उसकी तरह 18 सितंबर को भी यहीं पर आग लगने की घटना हुई थी। इसमें बीआरसी केंद्र के गोदाम में रखे आठ हजार से ज्यादा बैग जलकर राख हो गए थे, जबकि एक दिन पूर्व यानी 17 सितंबर को तहसीलदार द्वारा इन बैगों का सत्यापन हुआ था और यह बैग 18 सितंबर को बंटने थे।
संजोग कहें या सोची समझी साजिश
- जब 18 सितंबर को इस गोदाम में आग लगी थी, तो उस वक्त कोतवाल पंकज लवानिया ने मौके पर पहुंचकर दमकल बुलाई थी, तब भी दमकल विभाग की लापरवाही सामने आई थी, तब उनकी गाड़ी में लगा जेनरेटर खराब हो गया। जब तक दूसरा इंतजाम किया, तब तक बैग पूरी तरह से जल चुके थे। उस वक्त एसडीएम किशोर गुप्ता ने जांच के निर्देश दिए, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इससे इसके पीछे किसी साजिश से भी इंकार नहीं किया जा रहा।
चौकी पुलिस की भी भूमिका संदिग्ध
-घटनास्थल से मात्र दस कदम पर पुलिस चौकी है, लेकिन घटना होने के बावजूद यहां से किसी ने कोतवाली में कोई बात बताना उचित नहीं समझा। जबकि स्थानीय लोगों ने कोतवाली में फोन किया। तो वहां से पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।