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अग्निकांड में 40 घर जले, 12 पशु मरे

Mon, 04 May 2015 11:21 PM IST
Sahaswan
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तहसील क्षेत्र के गांव बक्सर खालसा हुए अग्निकांड में 40 घर जलकर राख हो गए। 12 पशुओं की जलकर मौत हो गई। आग बुझाने की कोशिश में छह लोग झुलए गए। सूचना दिए जाने के बाद भी दमकल मौके पर नहीं पहुंची। अग्निकांड में करीब 50 लाख रुपये की क्षति होने का अनुमान है।
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सोमवार पूर्वान्ह तीन बजे गांव बक्सर खालसा की जाटव बस्ती के पश्चिम ओर स्थित ओमपाल के खेत से अचानक आग लग गई। तेज हवाओं के कारण आग ने एक-एक कर गांव में 40 घरों को चपेट में ले लिया। घरों से लोग जान बचाने के लिए निकल कर भागने लगे। पश्चिम की ओर से चली आग ने पूरब तक गांव को तबाह कर दिया। आग ने इन घरों में रखे अनाज, घरेलू सामान समेत इंजन, डनलप, बुग्गी, कपड़ा-बर्तन सब कुछ राख कर दिया। आग की चपेट मे आकर ओमकार और वेदराम की तीन-तीन बकरी , मोरसिंह , हमरसिंह , और रामसिंह, की आधा दर्जन भैंसों की जल कर मृत्यु हो गयी ।
आग बुझाने की कोशिश में विद्यावती (60), तिलकसिंह (30), सत्यपाल (35), हरदेवी (45)  बिहारी (30) समेत आधा दर्जन लोग झुलस गए। अग्निकांड में ओमकार, अमरसिंह, वेदराम, रामसिंह, मोरसिंह, ओमपाल, तिलक सिंह, हरदेवी, गंगासिंह, वीरसहाय, बिहारी, नन्नू, छोटे, दर्शन, हीरालाल, नेकराम, सत्यदेव, सतीश, राजेन्द्र, विनोद समेत 40 घर स्वाह हो गए।
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मौके पर नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड
सहसवान। ग्रामीणों ने अग्निकांड की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलने के बाद भी फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया। करीब तीन घंटे तक गांव में अग्नि का तांडव रहा।

तहसील प्रशासन ने भी की अनदेखी
सहसवान। अग्निकांड में गांव में 40 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। ग्रामीणों ने इसकी खबर तहसील प्रशासन को भी दी। देर शाम तक तहसील प्रशासन के किसी अधिकारी ने गांव पहुंच कर अग्निकांड पीड़ितों की सुध लेने और आग से हुए नुकसान का आकलन करने की जरूरत नहीं समझी।

तेज हवाओं से बिगाड़े हालात
सहसवान। तेज हवाओं ने हालात बिगाड़ दिए। आग लगने से बाद पूरा गांव इस पर काबू पाने में जुट गया। पंपिंग सेट चालू कर लिए गए, लेकिन तेज हवाओं की वजह से ग्रामीण काबू पर काबू पाने में कामयाब नहीं हो पा रहे थे। देखते ही देखते आग ने 40 घरों को आगोश में ले लिया।

महिलाएं खो बैठीं सुधबुध
सहसवान। घरों को जलता हुआ देखकर महिलाएं सुधबुध खो बैठीं। अपने सामने घर को राख होता देखकर उनको कुछ सूझ नहीं रहा था। बड़ों के साथ बच्चे भी आग पर काबू करने की कोशिश कर रहे थे। तीन घंटे तक पूरा गांव चीत्कारों से गूंजता रहा। बेमौसम बारिश से इस गांव में भी फसले बर्बाद हुई थीं। रही बची कसर को अग्निकांड ने पूरा कर दिया है।
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