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Budaun News: फर्जी गिरफ्तारी के आरोप में फंसे इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मी, हिस्ट्रीशीटर ने दर्ज कराई रिपोर्ट

Mon, 11 Aug 2025 06:53 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

फर्जी गिरफ्तारी के मामले में कोर्ट के आदेश पर बिल्सी थाने में तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों में आठ पुलिसकर्मी हैं। हिस्ट्रीशीटर ने यह रिपोर्ट लिखाई है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं में फर्जी गिरफ्तारी के आरोप में उघैती थाने के हिस्ट्रीशीटर प्रेमपाल की ओर से बिल्सी थाने में तत्कालीन इंस्पेक्टर, चार एसआई और तीन सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें उन चार को भी नामजद किया गया है, जिनके खिलाफ वह पीटने की शिकायत लेकर थाने गया था। पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रेमपाल ने कोर्ट की शरण ली थी। 

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प्रेमपाल उघैती थाना क्षेत्र के गांव रियोनाई का रहने वाला है। उसने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर कहा था कि वह बीती दस अप्रैल को बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव सिरासौल सीताराम पट्टी में अपने मामा रेशमपाल के घर गया था। वहां इसी गांव के माखन, उपेंद्र, पप्पू और अतुल आ गए। वे चारों एकराय होकर गाली गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। वह इस घटना की तहरीर देने बिल्सी थाने गया। 

इन पर लगाया आरोप 
आरोप है कि थाने के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह पुंडीर, दरोगा रामसेवक सिंह राठौर, मुनेंद्र सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह व सोमवीर सिंह के साथ ही सिपाही धर्मेंद्र, कुलदीप और रविंद्र सिंह ने उसे जबरन पकड़कर हवालात में बंद कर दिया। जब उसने विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने उसे जातिसूचक शब्द कहे। गालियां देते हुए पटे से पीटा। इससे वह घायल हो गया। पिटाई के दूसरे दिन पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया। 
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प्रेमपाल का कहना है कि बिल्सी सीएचसी पर हुए मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट में उसकी चोटों का उल्लेख नहीं किया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उससे तमंचा-कारतूस दिखाकर फर्जी रिपोर्ट दर्ज कर चालान कर दिया। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया।

रिपोर्ट में सभी आठ पुलिसकर्मियों के साथ ही सिरासौल सीताराम पट्टी गांव में उसे पीटने के आरोपी माखन, उपेंद्र, पप्पू और अतुल को भी नामजद किया गया है। वहीं नामजद पुलिसकर्मियों में से दरोगा रामसेवक और सोमवीर ही इस वक्त बिल्सी थाने में तैनात हैं। इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह पुंडीर समेत अन्य छह पुलिसकर्मियों का यहां से तबादला हो चुका है। 
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एनकाउंटर करना चाहते थे पुलिस कर्मी
प्रेमपाल का आरोप है कि पुलिस कर्मी उसका उसी रात फर्जी एनकाउंटर करना चाहते थे। लेकिन उसके पकड़े जाने की भनक मामा के घर वालों और परिजनों को लग गई थी। इस कारण रातभर उसे घुमाने के बाद उसे फिर से हवालात में बंद कर दिया और रात भर उसमें रखा। जब वह जेल पहुंचा तो वहां उसने मेडिकल परीक्षण के लिए कहा, लेकिन जेल में भी उसका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया। बिल्सी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

प्रेमपाल पर दर्ज हैं 34 मुकदमे
सीओ बिल्सी संजीव कुमार ने बताया कि प्रेमपाल हिस्ट्रीशीटर है, उसके खिलाफ कुल 34 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें तीन मामले हत्या के हैं। साथ ही लूट के भी कई मुकदमे हैं।
 
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