फर्जीवाड़ा कर शिक्षामित्र से शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले शिक्षामित्रों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने पैनी नजर रखना शुरू कर दी है। विभाग के यहां आईं शिकायतों को आधार बनाते हुए जांच शुरू कर दी गई है। ऐसे करीब 15 नियमित हुए शिक्षामित्र संदिग्धता के दायरे में आ गए हैं। इनका रिकार्ड खंगालने के अलावा गहनता से जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
जिले में शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में पत्राचार से बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 1119 शिक्षामित्रों को नियमित किया गया। वहीं हाल में रिक्त पदों के सापेक्ष देहात क्षेत्र में 634 तथा नगर क्षेत्र में 40 शिक्षामित्रों को समायोजित कर स्कूलों में तैनाती दी गई है। विभागीय जानकारों की माने तो तैनाती मिलने के साथ ही बेसिक विभाग में कई नियमित शिक्षामित्रों की शिकायतों का अंबार भी लगना शुरू हो गया। प्रत्येक ब्लॉक से शिकायतें आना शुरू हो गई। बताते हैं कि शिकायतें भी काफी गंभीर हैं। बताते हैं कि इस्लामनगर, कादरचौक, अंबियापुर, दातागंज, बिसौली तहसील में कई शिक्षामित्रों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी हासिल की है। इसके अलावा एक वर्ष में दो-दो रेगूलर परीक्षाएं, अलग-अलग नाम पर नौकरी और जायदाद होना आदि शिकायतें शामिल हैं। कई की जांच तो इतनी संदिग्ध है कि विभाग ने आते ही जांच की कार्रवाई शुरू कर दी।
दातागंज तहसील के तीन शिक्षामित्र भी जांच के घेरे में
बदायूं। दातागंज तहसील के तीन नियमित हुए शिक्षामित्र भी जांच के घेरे में हैं। आरोप है कि यह तीनों एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं और नाम बदलकर नौकरी कर रहे। इसकी कई बार शिकायतें भी हो चुकी हैं। बताते हैं इनकी भी जांच की जा रही है।
नियमित हुए शिक्षामित्रों की कई तहसीलों से शिकायतें आई हैं। लिहाजा उन्हें गंभीरता से लेते हुए इसमें जांच के आदेश दिए गए हैं। सभी बीईओ से रिकार्ड खंगालवाया जा रहा है। काउंसिलिंग के दौरान कई प्रकरण उजागर हुए थे, लिहाजा पूरी सतर्कता बरती जा रही है। अगर, जांच में दोषी पाया जाता है तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। - कृपा शंकर वर्मा, बीएसए, बदायूं।