जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। 24 घंटे के दौरान जानलेवा हुए बुखार ने छह और जिंदगियों को निगल लिया, पांच मौतें जगत ब्लॉक और एक सालारपुर ब्लॉक में हुई। पड़ौलिया में स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को हेल्थ कैंप लगाकर बीमार लोगों को दवाओं का वितरण कर इनके सेंपल भी जांच को लिए हैं। जिले में 15 दिन के दौरान बुखार से मरने वालों की संख्या 16 हो गई है।
जगत ब्लॉक में 15 दिन पहले बुखार ने दस्तक दी थी। बुखार से मौतों का सिलिसिला शुरू होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ब्लॉक के गांव ललबुझिया में जब एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हुई तो स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। आनन-फानन में बुखार प्रभावित गांवों में हेल्थ कैंप लगाए गए। लोगों के खून की जांच के बाद पता लगा कि जिले में जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया का प्रकोप है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। हालात बेकाबू होने की वजह से अब तक सुधार नहीं हो रहा। चौबीस घंटे के दौरान जगत ब्लॉक में पांच और सालारपुर में एक जान चली गई। जगत ब्लॉक के गांव पड़ौलिया में मैकूलाल की 10 वर्षीय बेटी ममता, सुखपाल की 12 वर्षीय बेटी विनीता और राजवीर की 13 वर्षीय बेटी संगीता को कई दिन से बुखार आ रहा था। तीनों लड़कियों ने 24 घंटे के दौरान दम तोड़ दिया। जगत ब्लॉक के ही गांव फरीदापुर में श्रीपाल के आठ वर्षीय बेटे विश्वनाथ ने मंगलवार को बुखार से दम तोड़ दिया। इसी ब्लॉक के गांव गोविंद नगला में 25 वर्षीय श्वेता कुमारी की भी बुखार से मंगलवार को मौत हो गई।
इधर सालारपुर ब्लॉक के कई गांवों में भी बुखार का प्रकोप है। ललेई, मोहनपुर, लोचन नगर में कई लोग बुखार की चपेट में हैं। मंगलवार को कस्बे में डाकघर के पास रहने वाले संजय कुमार के 17 वर्षीय बेटे सौरभ की बुखार के चलते मौत हो गई। जिले में अब भी सैकड़ों लोग बुखार की गिरफ्त में हैं। 15 दिन में बुखार से मरने वालों की संख्या 16 के पास हो गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूले हुए हैं।