जिले में बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को अलग-अलग स्थानों पर बुखार से पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं तो सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में घूम रही हैं, लेकिन बुखार का कहर कम नहीं हो रहा है। सेहम महकमा इसकी खास वजह गांवों में गंदगी को मान रहा है।
कुंवरगांव। ग्राम अहरुइया निवासी 32 वर्षीय गर्भवती पार्वती पत्नी राजवीर को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से उसे बरेली रेफर कर दिया गया। परिवार वाले उसे घर ले गए। घरवाले रुपयों का इंतजाम कर पाते इससे पहले बुधवार सुबह पार्वती ने घर पर ही दम तोड़ दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया।
मूसाझाग। जगत ब्लॉक के गांव मूसाझाग निवासी तौफीक की चार वर्षीय बेटी शहाना को कई दिन से बुखार आ रहा था। वहीं पड़ोस के गांव में एक झोलाछाप के यहां शहाना का इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर बुधवार सुबह करीब दस बजे उसे परिवार वाले बदायूं ले जा रहे थे। मगर रास्ते में उसकी मौत हो गई। जगत ब्लॉक के ही गांव मनिकापुर कौर निवासी 40 वर्षीय रूप किशोर शर्मा को कई दिनों से बुखार था। वह गांव के झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर घर वाले उन्हें बरेली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में रूप किशोर ने दम तोड़ दिया। जगत ब्लॉक के ही गांव बजरमैरी निवासी रामभान की पांच वर्षीय पुत्री शशि को बुधवार सुबह तेज बुखार आया। परिवार वाले उसे डॉक्टर के पास ले जाते इससे पहले उसकी मौत हो गई।
उसहैत। कटरा सहादतगंज निवासी वीरेश की 10 वर्षीय बेटी नीरज को पिछले दो दिन से बुखार आ रहा था। वहीं झोलाछाप से इलाज चल रहा था। बुधवार शाम इलाज के दौरान नीरज की मौत हो गई। वीरेश की पत्नी को भी बुखार आ रहा है।