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Budaun News: जिले में बुखार का प्रकोप, अब तक 11 लोग गवां चुके हैं जान

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एंटी लार्वा दवा का छिड़काव करता मलेरिया विभाग का कर्मचारी। स्रेात- स्वास्थ्य विभाग
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बदायूं। जिले में बुखार का प्रकोप है। पिछले एक माह में 11 लोगों की जान जा चुकी है। जिला अस्पताल से लेकर सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ पहुंच रही है। जिला अस्पताल में इलाज को लेकर मारामारी है। तीन दिन से लगातार अस्पतालों की छुट्टी होने से प्राइवेट अस्पतालों और झोलाछापों के यहां मरीजों की भीड़ लग रही है।
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जिला अस्पताल में शनिवार से अवकाश चल रहा है। इसको लेकर प्राइवेट अस्पतालों व झोलाछाप के यहां मरीज इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। लंबी लाइन लग रहीं हैं। 15 अगस्त से 15 सितंबर तक 11 लोगों की बुखार की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। हाल यह है कि जिले के आठ ब्लॉकाें में बुखार का प्रकोप है। हर रोज आठ से दस हजार लोग बुखार पीड़ित मिल रहे हैं।

दातागंज क्षेत्र के गांव गलौथी में मलेरिया संक्रमित महिला ज्ञान देवी (35) की 16 अगस्त को बुखार से मौत हो गई थी। इसी गांव में रहने वाले पहलवान (58) की 15 अगस्त को, सुंदर लाल की 18 अगस्त को और ब्रजनंदन की 19 अगस्त को बुखार से मौत हो गई।
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इसके बाद बिनावर क्षेत्र के गांव भगवानपुर में पांच सितंबर दिन बुधवार की सुबह नौ साल की छात्रा परी की बुखार से मौत हो गई। वह कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव लखनपुर में 10 सितंबर मंगलवार को जितेंद्र की बुखार की चपेट में आकर जान चली गई थी।
इस्लामनगर विकास क्षेत्र के गांव उल्ला नौना में बुखार का प्रकोप है। दो सितंबर से पांच सितंबर तक यहां चार लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। शुक्रवार को दहगवां निवासी पवन वार्ष्णेय के छह साल के बेटे अथर्व की मौत हो गई थी। मौत के बाद ही इन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचीं और कैंप लगाकर लोगों का इलाज किया। विभाग अगर पहले से ही सतर्कता रखता तो शायद बुखार इतना भयंकर रूप नहीं लेता।



मलेरिया विभाग ने कराया छिड़काव
बदायूं। मलेरिया निरीक्षक तनवीर सिंह, सनी कुमार ने ब्लॉक सलारपुर के ग्राम काज़ीपुर व ग्राम अचिन्तपुर में ग्राम वासियों को बुखार से रोकथाम बचाव एवं नियंत्रण के लिए जागरूक किया। बुखार में तप रहे लोगों की मलेरिया की जांच की गई। जांच में पाए गए मलेरिया धनात्मक रोगियों को प्रथम दिन की दवा अपने सामने ही खिलाई गई। गांव में पहले मिले मलेरिया धनात्मक रोगियों का फॉलोअप किया गया। कार्यालय जिला मलेरिया अधिकारी की टीम ने ब्लॉक वजीरगंज के ग्राम व्योली में आईआरएस एवं सोर्स रिडक्शन का कार्य किया। ब्लॉक दातागंज के ग्राम भटौली एवम समरेर के ग्राम झुक्सा में आईआरएस साथ ही समरेर के नेता व दातागंज के सलेमपुर में डीबीसी के माध्यम से लार्वा सोर्स रिडक्शन के साथ एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।



बुखार से मौत का मामला सामने आता है तो वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजकर मौत की वजह तलाश कराई जाती है। मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद ही उसे रिकॉर्ड में दर्शाया जाता है। अब तक जो मौतें सामने आई हैं वह झोलाछापों के इलाज की वजह से हैं। लगातार लोगों को सरकारी दवा खाने और वहां इलाज कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। निजी व झोलाछाप से दूर रहने की सलाह लोगों को दी जा रही है। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ

चार साल की मासूम की मलेरिया से मौत
बदायूं। खुनक गांव में मलेरिया से चार साल की मुस्कान की रविवार शाम को मौत हो गई। उसका उपचार बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था, जबकि इसकी छोटी बहन अमिका को भी मलेरिया है।
गांव खुनक निवासी शेरभान की बेटी मुस्कान (4) को आठ दिन पहले बुखार आया था। उसे आसपास के अस्पतालों में दिखाया, लेकिन सुधार नहीं होने पर परिजन बरेली ले गए। बरेली के डॉक्टरों ने मुस्कान को मलेरिया बताया। जहां उपचार के दौरान उसकी रविवार की शाम मौत हो गई। शेरभान की 18 माह की बेटी अमिका को भी तीन दिन पहले बुखार आया था। इसे भी मलेरिया होने की पुष्टि हुई है। संवाद
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