रिसौली क्षेत्र में बारिश से खेत में बिछी धान की फसल। संवाद
रिसौली/बदायूं। जिले में तीन दिन तक लगातार हुई बरसात किसानों पर आफत बनकर टूटी है। धान की फसल के साथ शिमला मिर्च की खेती पर भी असर पड़ा है। हाल ही में लगाई गई शिमला मिर्च की पौध खेतों में अधिक पानी भरने के चलते खराब होने लगी। ऐसे में किसान अपने खेतों में पंपसेट लगाकर पानी निकालने में लगे हुए है। जनपद में शिमला मिर्च तीन हजार हेक्टेयर लगाई है। जिसमें 60 फीसद नुकसान का आकलन किसान कर रहे हैं।
जनपद में शिमला मिर्च की मुख्य खेती है। तीन हजार हेक्टेयर में शिमला मिर्च की पौध लगाई गई थी। जानकारों का मानना है कि पौध लगाने के बाद अगर खेत में ज्यादा पानी भर जाए तो पौध सूखने लगती है। सबसे अधिक खतरा उस समय होता है जब खेत में पानी भरा हो और धूप निकल आए। तीन दिन तक लगातार बरसात होने के चलते सभी खेतों में पानी भर गया था। अब शनिवार को मौसम साफ हुआ तो धूप निकल आई।
धूप निकलने के बाद खेतों में पानी गर्म होने लगता है। इसके बाद किसी भी फसल की पौध अगर जल्द लगी हो तो वह सूखने लगती है। यहीं इस समय शिमला मिर्च की पौध के साथ हो रहा है। अभी किसान मिर्च की पौध अपने खेतों में लगा ही रहे थे कि बरसात से खेतों में पानी भर गया।इसके चलते जिले में लगभग 60 फीसदी मिर्च की पौध पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा धान के किसानों को भी नुकसान होना तय है।ा
रिसौली क्षेत्र में बारिश से खेत में बिछी धान की फसल। संवाद
रिसौली क्षेत्र में बारिश से खेत में बिछी धान की फसल। संवाद