दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कल्यानपुर में बेटी की शादी के दौरान लापता हुए किसान अहलकार (45) का शव करीब 16 घंटे बाद बुधवार शाम चार बजे गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर खेत में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने बृहस्पतिवार दोपहर शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन परिवार वाले हत्या की आशंका जता रहे हैं।
ग्राम कल्यानपुर निवासी अहलकार सिंह खेतीबाड़ी करते थे। मंगलवार रात उनकी बेटी प्रियंका की शादी थी। उसकी बरात पीलीभीत जिले के मीरपुर गांव से आई थी। अहलकार ने बरातियों का खूब स्वागत सत्कार किया। रात 12 बजे तक उन्हें खाना खिलाया और अन्य जरूरी कार्य निपटाए। इसके बाद अचानक अहलकार लापता हो गए। रात करीब दो बजे द्वार वार की रस्म निभाने की बारी आई तो उन्हें तलाश किया गया।
सुबह चार बजे उनका इंतजार करते-करते रस्म निभाई गई। बाद में भांवरे भी डलवा दी गईं। एक तरफ परिवार वाले उन्हें ढूंढते रहे और दूसरी ओर शादी की शेष रस्में भी निभाई जाती रहीं। बुधवार दोपहर 12 बजे तक जब उनका कुछ पता नहीं चला तो परिवार वालों ने प्रियंका को विदा करने की तैयारी शुरू कर दी। इंतजार करते-करते अपरान्ह करीब 3:30 बजे उसे विदा किया गया। सभी बराती भी पीलीभीत लौट गए।
इसके बाद परिवार वालों ने अहलकार की खोजबीन शुरू की। करीब एक घंटा बाद परिवार वालों को पता चला कि किसान का शव करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नजदीकी गांव नेता झुकसा के नजदीक खेत में फंदे से लटका हुआ है। परिवार वाले रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए और उन्होंने कोतवाली पुलिस को बुला लिया।
पुलिस ने मामले की छानबीन करते हुए देर शाम किसान का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बृहस्पतिवार दोपहर उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इंस्पेक्टर अरिहंत कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। वजह सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
बृहस्पतिवार सुबह दी गई बेटी को किसान की मौत की सूचना
अहलकार के भाई नन्हे ने बताया कि बुधवार शाम उन्होंने प्रियंका को विदा कर दिया था। वह आराम से अपने घर पहुंच जाए, इसलिए उसे सूचना नहीं दी गई थी। बृहस्पतिवार सुबह उसे इसकी जानकारी दी गई तो वह अपने ससुराल वालों के साथ मायके पहुंच गई। अहलकार कहते थे कि उनकी बेटी चली जाएगी तो उनका घर सूना हो जाएगा। अहलकार के चार बच्चे हैं। उनमें प्रियंका सबसे बड़ी है। उससे छोटा सारदेव (16), बेटी प्रांशी (14) और सबसे छोटा सुखदेव (11) है।