सिलहरी (बदायूं)। किसानों के दिल्ली कूच को लेकर मंगलवार को जिले में पुलिस सतर्क रही। किसान नेताओं के घरों की सुबह से ही निगरानी शुरू कर दी गई। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे किसानों को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने बिजली उपकेंद्र पर रोक दिया। यहां पुलिस और किसानों के बीच तकरार भी हुई।
सिलहरी में बिजली उपकेंद्र पर दिल्ली कूच के लिए भाकियू अराजनीतिक के जिलाध्यक्ष केपीएस राठौर के नेतृत्व में किसान सुबह से ही एकत्र होना शुरू हो गए। काफी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी पहुंच गईं। जानकारी पाकर सीओ बिसौली सुनील कुमार भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को रोक दिया। इसको लेकर पुलिस अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच तकरार भी हुई।
किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मैदान में खड़ा कर वहीं बैठ गए। इस दौरान प्रताप सिंह, हरीश सिंह, विशेष पटेल, कालू, हरवंश पटेल, हवलदार खान, भगवान दास, प्रशांत पटेल आदि किसान मौजूद रहे।
बाद में किसान दिल्ली नहीं जाने के लिए मान गए। किसानों के घर लौटने के बाद भी यहां पुलिस तैनात रही। किसान नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
बता दें कि किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून, कर्ज माफी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं।इसीलिए दिल्ली में प्रदर्शन का एलान किया गया था।
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भाकियू टिकैत ने शुरू किया बेमियादी धरना
बदायूं। भाकियू टिकैत ने मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर मालवीय आवास पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। इस मौके पर बकाए में किसानों के नलकूपों के कनेक्शन काटने के विरोध में 21 फरवरी को बिजली उपकेंद्रों के घेराव का एलान भी किया गया। मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने कहा कि किसानों कर हर स्तर पर शोषण किया जा रहा है। मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखा जाएगा। इस दौरान अध्यक्ष रमाशंकर शंखधार ने ग्रामीण विकास बैंक प्रबंधन पर किसानों के शोषण का आरोप लगाया। इस मौके पर योगेश सिंह यादव, राशिद अब्बासी, नेपाल प्रधान, रामदास, बाबूराम गुप्ता, शिवदयाल सागर, मुस्लिम, गुड्डू, सुलेमान आदि मौजूद रहे। संवाद
भाकियू पदाधिकारियों के ट्रैक्टर-ट्राली रोकने को आगे खड़े सीओ और पुलिस। संवाद