फसल राहत राशि को लेकर चल रही रार थमने का नाम नहीं ले रही है। थाना दिवस में चेक लेने वालों और चेक न मिलने व राहत सूची में नाम दर्ज नहीं होने की शिकायत करने वालों का हुजूम लगा रहा। तहसील क्षेत्र में अतिवृष्टि में बरबाद हुई गेहूं की फसल की राहत के नाम पर दस करोड़ रुपये बंटने का दावा तहसीलदार सतीश चंद्र ने किया है। इसके बाद भी राहत राशि को लेकर घमासान मचा है। रोजाना ही दो-चार गांव के किसान तहसील मुख्यालय पर चेक न मिलने और राहत सूची में नाम दर्ज न होने की शिकायत करके हंगामा करते हैं।
भटौली गांव के पौने दो सौ किसानों ने क्षेत्रीय लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए चेक न मिलने और राहत सूची में नाम दर्ज न करने की शिकायत डीएम से की है। इनका दावा है कि इनकी फसल का अस्सी प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मैलहा गांव के राजपाल सिंह समेत कई किसानों ने फसल की बर्बादी के फोटोग्राफ दिखाते हुए चेक न मिलने की शिकायत की। शनिवार को थाना दिवस में भी इस तरह की शिकायतें करने वालों का तांता लगा रहा। तहसील प्रशासन चार सौ 20 गांव में चेक वितरण होने की पुष्टि कर रहा है। जबकि तहसील क्षेत्र के 501 राजस्व गांव हैं। इस तरह 81 गांव में अभी तक राहत के नाम पर एक धेला भी नहीं बंटा है। राजनेता और उच्चाधिकारी मंच से घोषणा करते हैं कि राहत मिलने से कोई किसान अछूता नहीं रहेगा और राहत राशि भी न्यूनतम 15 सौ रुपये की होगी। नाम न छापने की शर्त पर लेखपालों ने बताया कि इस दावे पर अगर क्रियान्वयन हो तो क्षेत्र को एक अरब रुपये भी कम पड़ेगा। ग्राम पंचायत गवां से लेखपाल का बयान इसकी पुष्टि करता है। लेखपाल ने बताया कि 25 लाख रुपये के चेक गांव में वितरित हो चुके हैं और जो बकाया की सूची बनी है उसके मुताबिक करीब डेढ़ करोड़ रुपया एक गांव में और चाहिए। अनेक गांव जैसे मुझाना गांव में साढ़े 33 लाख, बिहारीपुर गांव में 14 लाख पांच हजार रुपये बंट चुके हैं। इनके अलावा दर्जनों गांव ऐसे हैं, जिनमें दस और बीस लाख रुपये की राहत बांटी जा चुकी है। इसके बाद भी चेक न मिलने की शिकायतें लगातार हो रही हैं।
चार करोड़ रुपया तहसील क्षेत्र को और मिल चुका है। ये राशि उन गांव में बांटी जाएगी जहां अभी तक राहत नहीं मिली है। अब तक 14 करोड़ रुपया तहसील क्षेत्र को प्राप्त हो चुका है। 33 प्रतिशत से लेकर 49 प्रतिशत तक नुकसान वाले किसानों की सूची तो बन गई है, लेकिन जब केंद्र सरकार से रुपया मिलेगा तभी वितरित किया जाएगा। - ओपी तिवारी, एसडीएम।