वजीरगंज के गांव मालिन गौटिया में गेंदा की खेती करते किसान
बदायूं। सब्जी, औषधीय व सुगंधित फूलों की खेती करने से किसान तीन गुना लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान हासिल कर सकते हैं। किसानों को कृषि विभाग की ओर से जागरूक किया जा रहा है।
कृषि जानकारों का कहना है कि किसानों को खेती में सामान्य फसल से हटकर कुछ अलग करना चाहिए। क्षेत्र के किसानों को कृषि विभाग की ओर से जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। यह बात उदाहरण के साथ किसानों को समझाई जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि आज के समय में किसानों को खेती में लागत से अधिक मुनाफा कमाना बहुत ही सरल हो गया है। किसान बहुत से पेड़, पौधों को सब्जी में डालने वाला मसाला मानते हैं, हालांकि ऐसा नहीं है।
धनिया पौधा औषधि व मसाला भी है। इसी तरह अदरक, काली मिर्च, तेज पत्ता व हल्दी पौधा होने के अलावा जरूरी औषधि भी है। वहीं खेती के जानकार उदयवीर सिंह ने किसानों को बताया कि भारत में हीरे के बाद सबसे अधिक महंगी यदि कोई वस्तु बिकती है तो वह है सेंट(इत्र), जो कि किसानों के उत्पादन से ही बनता है। ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को उत्पाद से उद्यमी बनने का तरीका नहीं पता होता है। आज के समय में बहुत से किसान ऐसे भी हैं जो गुलाब, बेला व गेंदा की खेती कर अधिक लाभ कमा रहे हैं। किसान औषधीय, सुगंधित पौधों की खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।