बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र के गांव बेहटा यमन में साफ-सफाई करने मेंथा टैंक में उतरे किसान राजपाल (25) की जहरीली गैस में दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उसे बचाने आया भोजराज (20) भी बेहोश हो गया। परिवार वाले उसे निकालकर बरेली ले गए हैं। उसकी हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है।
हादसा बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे हुआ। ग्राम बेहटा यमन निवासी राजपाल पुत्र निरोत्तम का गांव के बाहर मेंथा प्लांट है। प्लांट काफी समय से बंद पड़ा था। बरसात के बाद टैंक पर जंग न लगे और वह खराब न हो, इसलिए राजपाल टैंक में साफ-सफाई करने घुसे थे। बताते हैं कि जैसे ही वह टैंक में उतरे जहरीली गैस से उनका सांस लेना मुश्किल हो गया। उन्होंने टैंक के अंदर से ही शोर मचाना शुरू कर दिया। उसी दौरान गांव का भोजराज पुत्र रूपराम शौच करने आया था। जैसे ही उसने राजपाल की आवाज सुनी तो वह टैंक की ओर दौड़ पड़ा और राजपाल को बचाने के लिए चीख-पुकार करता हुआ टैंक में कूद गया। उसकी चीख-पुकार सुनकर गांव के कई लोग आ गए।
उन्होंने दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले भोजराज भी टैंक में बेहोश हो गया। ग्रामीणों ने बमुश्किल दोनों को बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने राजपाल को मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले राजपाल का शव घर ले गए। सूचना पर अलापुर इंस्पेक्टर संजीव कुमार शुक्ला मौके पर पहुंच गए, लेकिन परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। राजपाल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वहीं बरेली में भोजराज की हालत गंभीर बताई जा रही है।