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Budaun News: छुट्टा पशुओं से फसल बचाते-बचाते चली गई किसान की जान

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कादरचौक (बदायूं)। छुट्टा पशुओं से फसल बचाते-बचाते कादरचौक इलाके के गांव ततारपुर में 45 वर्षीय किसान बदन सिंह की मौत हो गई। भीषण ठंड में भी वह खेत पर पन्नी तानकर फसल की रखवाली करते रहे। शुक्रवार सुबह खेत पर वह बेसुध पड़े मिले। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी ने ठंड से मौत होने की आशंका जताई है। हालांकि शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
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परिवार वालों के मुताबिक बदन सिंह के पास ज्यादा जमीन नहीं थी लेकिन वह पेशगी पर खेत लेकर फसल करते थे। उन्होंने अपने दस बीघा और पड़ोसी खेत मालिक सत्यपाल के आठ बीघा खेत में गेहूं की फसल की थी।
क्षेत्र में छुट्टा पशुओं का आतंक बना हुआ है। ये पशु रोजाना खेतों में घुसकर फसल चर जाते हैं। छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए बदन सिंह खेत ही पन्नी तानकर रातभर रखवाली करते थे।
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पिछले सप्ताह भीषण ठंड पड़ी थी तब भी बदन सिंह खेत पर रखवाली करते रहे। परिजन के मुताबिक ठंड की वजह से उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। शुक्रवार सुबह वह चाय पीने घर नहीं आए तो उनका आठ साल का बेटा विकास उर्फ गुड्डू खेत पर पहुंचा। वहां बदन सिंह बेसुध पड़े मिले। इस पर विकास ने परिवार वालों को सूचना दी तो वे खेत पर पहुंचे। वे बदन सिंह को एक निजी डॉक्टर के यहां ले गए। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बदन सिंह की पत्नी विमला ने ठंड से मौत होने की आशंका जताई है। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। शाम को तहसीलदार करनवीर सिंह मौके पर पहुंचे और जानकारी जुटाई।
माता-पिता के इकलौते बेटे थे बदन सिंह
बदन सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके तीन बेटी और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। एक बेटा विकास आठ साल का और बेटी छह साल की है। परिवार में कमाने वाला दूसरा व्यक्ति नहीं है। उनकी मौत से परिवार पर रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है।
एक किसान की मौत की सूचना मिली है। वहां टीम को भेजा गया है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर परिवार वालों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। - एसपी वर्मा, एसडीएम सदर
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