प्रधान और लेखपालों की मिलीभगत से किसान परेशान
डीएम के आदेश के बावजूद नहीं हो रही खेत की पैमाइश
केंद्र और राज्य सरकारें भले ही किसानों के हित में तमाम योजनाओं का संचालन कर रहीं हैं, जिससे कि उन लोगों को राहत पहुंचाई जा सके, लेकिन सरकारी मशीनरी के ध्यान न देने से लगातार किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। पीड़ित होने के बावजूद किसानों को हाकिमों के दरबारों के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ता और नतीजा फिर भी सिफर रहता है। सालारपुर ब्लाक के ऐसे ही एक किसान को लेखपाल और ग्राम प्रधान मिलकर परेशान कर रहे हैं। किसान के खेत में बिना पैमाइश किए ही चकरोड डाला जा रहा है। इसकी शिकायत एसडीएम, डीएम और मंडलायुक्त से की गई, लेकिन उसकी समस्या का अब तक निस्तारण नहीं हो सका।
सालारपुर ब्लाक के गांव बाबट के किसान नेत्रपाल सिंह ने 21 मार्च को मंडलायुक्त को पत्र देकर शिकायत की थी, जिसमें बताया था कि उनके खेत में बिना पैमाइश किए चकरोड डाल दिया गया था। इस मामले में मंडलायुक्त ने एसडीएम सदर को आदेश किया था कि इस मामले में जांच कराकर सही स्थान पर चकरोड डलवाया जाए। साथ ही इस आख्या से अवगत कराने के निर्देश भी दिए थे।इस पत्र को एसडीएम सदर को 22 मार्च को अवगत कराया था, लेकिन एक सप्ताह गुजर जाने के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं लेखपाल और ग्राम प्रधान ने शिकायतकर्ता किसान के खेत में चकरोड डलवाना शुरू कर दिया है। इससे पीड़ित किसान दोबारा मंडलायुक्त से शिकायत करने की तैयारी में है।
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खेत की पैमाइश कराने के लिए तहसीलदार को आदेश दे दिया था। उसके बाद ही चकरोड डलवाए जाने के लिए कहा गया है।
-प्रदीप यादव, एसडीएम सदर