बदायूं। अवैध रूप से संचालित बदायूं हॉस्पिटल में जज्जा-बच्चा की मौत के बाद संचालक संजय कुमार पर कार्रवाई नहीं हुई, जबकि परिजन उसी दिन सिविल लाइन थाने में तहरीर दे चुके हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को दबाने में जुटी है। आरोप है कि जिला महिला अस्पताल की वार्ड आया को मौके से पकड़ा, फिर उसे भी छोड़ दिया। बृहस्पतिवार को परिजनों ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
संतोख सिंह तिराहा निवासी सुधीर की पत्नी की 20 अक्तूबर को बदायूं हॉस्पिटल में डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी। उसी दिन पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस स्तर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि मौके से पकड़ी गई जिला महिला अस्पताल में तैनात वार्ड आया को भी पुलिस ने जाने दिया। इसको लेकर बृहस्पतिवार को परिजन सिविल लाइन थाने पहुंचे और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में तैनात वार्ड वाया निशा तारिक उर्फ गुड़िया से अस्पताल में इलाज कराने के दौरान उनकी मुलाकात हुई थी। उसने सरकारी अस्पताल में डिलीवरी करने को लेकर वार्ता की थी। तब उन्होंने कहा था कि वह घर पर ही नार्मल डिलीवरी करा देगी। इसके बाद वह अपनी पत्नी मोनी को गुड़िया के घर ले गए थे। वहां डिलीवरी के दौरान तबीयत खराब होने पर मोनी को गुड़िया बदायूं हॉस्पिटल ले गई। वहां भी चार-पांच लोगों को अपने साथ ले गई थी। प्रसव के दौरान अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं थी। ऐसे में जज्जा-बच्चा की वहां पर मौत हो गई।
-
नोडल अधिकारी ने भी दी तहरीर
स्वास्थ्य विभाग के अपंजीकृत चिकित्सा संस्थान के नोडल अधिकारी डॉ. नवनीत की ओर से भी बदायूं हॉस्पिटल के संचालक संजय कुमार के खिलाफ तहरीर सिविल लाइन थाने में तहरीर दी गई है। बता दें कि जज्जा-बच्चा की मौत के बाद बदायूं हॉस्पिटल सील किया जा चुका है।
-
बदायूं हॉस्पिटल को पहले ही सील किया जा चुका है। संचालक से जज्जा-बच्चा की मौत के संबंध में जवाब मांगा था, लेकिन उन्होंने अबतक कोई अभिलेख नहीं दिए। ऐसे में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर सिविल लाइन थाने में दी गई है। - डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ बदायूं
-
स्वास्थ्य विभाग ने भेजे नोटिस, वार्ड आया को लौटाया
बदायूं। बदायूं हॉस्पिटल में जज्जा-बच्चा की मौत होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित टीम ने अस्पताल में मौजूद संबंधित लोगों को नोटिस भेजा है। साथ ही इस घटना के संबंध में अपना पक्ष रखने की बात कही है, ताकि कार्रवाई आगे बढ़ सके। बदायूं हॉस्पिटल के संचालक से भी पक्ष मांगा गया था, लेकिन वह अस्पताल के कोई वैध अभिलेख नहीं दिखा पाया। उधर, बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल में तैनात वार्ड आया ड्यूटी करने के लिए पहुंची थी, लेकिन उसे लौटा दिया गया। संवाद