फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री पोर्टल पर कर दी गांव में बाघ आने की झूठी शिकायत

विज्ञापन
विज्ञापन
अलापुर। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुआ देखे जाने की अफवाह से वन विभाग की टीम पहले से परेशान थी, रविवार को
विज्ञापन

सरेली पुख्ता गांव के सूबेदार नाम के ग्रामीण ने गांव में बाघ आने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर कर दी। शासन स्तर पर इसका संज्ञान लिया गया तो यहां वन विभाग में हड़कंप मच गया। आननफानन में वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कई गांवों में कांबिंग की गई। कहीं भी बाघ को देखे जाने के बारे में किसी ने नहीं बताया। पगचिह्न भी नहीं मिले। जांच में शिकायत झूठी निकली।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने गांव पहुंच कर प्रधान वीरेंद्र सिंह यादव समेत कई ग्रामीणों के सामने सूबेदार से पूछताछ की। उसने बताया कि उसने बाघ को नहीं देखा। गांव के कुछ लोगों के बहकावे में आकर मुख्यमंत्री पोर्टल में शिकायत कर दी थी। वन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि अगर भविष्य में झूठी सूचना या अफवाह फैलाई गई तो दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, तेंदुए की तलाश में भी वन विभाग की टीमों ने कई गांवों में कांबिंग की। कहीं भी तेंदुए के पगचिह्न नहीं मिले।
विज्ञापन

बता दें कि थाना क्षेत्र के गांव कटिया में ककराला के वार्ड नंबर 22 के नुरुल पर 24 अप्रैल को जंगली जानवर ने हमला कर दिया था। नूरुल ने दावा किया था कि हमला करने वाला जानवर तेंदुआ था। हालांकि, स्थानीय टीम को तेंदुआ के पगचिह्न नहीं मिले थे। अगले दिन बरेली की टीम ने कांबिंग की और तेंदुआ के पगचिह्न मिलने का दावा किया था। इसके बाद से लगातार कांबिंग चल रही है। अब तक न तो तेंदुआ मिला है और न उसके कहीं पर पगचिह्न। इस बीच वन विभाग झूठी शिकायतों से परेशान है।
विज्ञापन

सरेली पुख्ता के ग्रामीण ने गांव में बाघ आने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। सघन कांबिंग में कहीं भी बाघ के पगचिह्न नहीं मिले। शिकायतकर्ता ने कुछ लोगों में बहकावे में आकर शिकायत करने की बात स्वीकार की है। झूठी शिकायतें करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रविंद्र सिंह बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी दातागंज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें