कुंवरगांव (बदायूं)। गत वर्ष संवेदनशील रहे सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र के कस्बा कुंवरगांव के हर कोने में इस बार पैथोलॉजी लैब खुल गईं हैं। न तो इनके रजिस्ट्रेशन हैं और न ही इनके द्वारा किए गए चेकअप की कोई गारंटी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
एक दिन पहले कस्बा निवासी राजीव ने एक पैथोलॉजी लैब पर ब्लड की जांच कराई थी। उससे अच्छे खासे रुपये भी लिए गए और उसे स्पष्ट जांच भी करके नहीं दी गई। राजीव ने शहर आकर सरकारी अस्पताल में जांच कराई तो उसकी जांच प्राइवेट लैब की जांच से बिल्कुल विपरीत निकली। गनीमत रही कि राजीव ने समय पर सही जगह जांच करा ली। नहीं तो उसका इलाज प्राइवेट लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर चलता रहता। इससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ जाती। बताते हैं कि कस्बे में ऐसी पैथोलॉजी लैब एक नहीं बल्कि नौ पैथोलॉजी लैब हैं। इनमें किसी का भी रजिस्ट्रेशन नहीं है। सभी फर्जी तौर पर चल रहीं हैं।
इस समय वैसे भी क्षेत्र में बुखार का प्रकोप है। इससे पैथोलॉजी लैबों के बारे न्यारे हैं। खासबात यह है कि जो भी पैथोलॉजी लैब खुली हुई हैं। इन पर नवयुवक जांच कर रहे हैं। उनके पास जांच करने की कोई खास मशीनें भी नहीं हैं। फिर भी फर्जी लैब खुली हुई हैं।
कस्बे में फर्जी लैब खुली हुई हैं। इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। इसकी मैं जांच कराता हूं। जो भी फर्जी लैब पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ