अखिल भारतीय अखंड कवि सम्मेलन का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। स्काउट गाइड भवन में चल रहे दो दिवसीय काव्य उत्सव का रविवार को समापन हो गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा ब्रज क्षेत्र के मंत्री राकेश मिश्रा अनावा रहे जबकि अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथि भाजपा महिला नेता रजनी मिश्रा रहीं। इटावा से आईं इच्छा पोरवाल ने पढ़ा-
नूर चेहरे पे कुछ चढ़ा होता, पास गर तू मेरे खड़ा होता
जिंदगी और भी होती आसां, खत मेरा तूने जो पढ़ा होता
राजस्थान से आए राधेश्याम राधे ने पढ़ा-
सदियों पुरानी संस्कृति जो विश्व के गुरु रहे आदिपुरुष के नाम फिल्मकार से छली गई।
बेंगलुरू से आए मौसम कुमरावत ने पढ़ा-
दंभ के नग सभी पिघल जाते, आग में राग-द्वेष जल जाते
राह पर बुद्ध की अगर चलते, सैकड़ों युद्ध आज टल जाते।
लखीमपुर खीरी से आए हरेंद्र वर्मा ने कहा-
बोलने के लिए बोलने का गुनाह मत करना
खामखां किसी अपने को परेशान मत करना।
लखीमपुर से आए योगेश मिश्रा ने कहा-
बबूल के पेड़ पर आम चाहिए, सबको यहां पर मुकाम चाहिए
मेहनत कोई करना नही चाहता, ख्वाहिश ये है कि इनाम चाहिए
इस अवसर पर सतीश मिश्रा, ओमकार सक्सेना, अतुल श्रोत्रिय, रमेश चंद्र शर्मा, षटवदन शंखधार, अचिन मासूम, हर्ष मिश्रा, प्रदीप दुवे, रोहिताश पटेल आदि उपस्थित रहे। संचालन पवन शंखधार ने किया।